राजगढ़ में करणी सेना की अगुवाई में आमरण अनशन पर किसान, बोले- जब तक मरेंगे नहीं…बैठे रहेंगे

राजगढ़ : राजगढ़ में पचोर तहसील परिसर में करणी सेना के नेतृत्व में 30 गांवों के 40 युवा किसान आमरण अनशन पर बैठे हैं. वे फसल बीमा मुआवजा की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि जब तक मरेंगे नहीं, तब तक बैठे रहेंगे. करनी सेना ने कहा कि टीम शेरपुरा जीवनसिंह के नेतृत्व में लाखों करणी सैनिक पचोर में कूच करेंगे. जो भी स्थिति बनेगी, उसका जिम्मेदार प्रशासन होगा. करणी सेना के जिला संयोजक वीरेंद्र सिंह रेठानी के नेतृत्व में किसान तहसील परिसर में डटे हैं. किसानों ने 6 प्रमुख मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ यह आंदोलन शुरू किया है.

किसानों ने कहा कि क्रमशः 5-5 गांव के किसान रोजाना यहां आकर बैठेंगे और जब तक मरेंगे नहीं, बैठे रहेंगे. किसानों की मुख्य मांग है कि ओलावृष्टि से खराब हुई गेहूं की फसल का उचित बीमा मुआवजा मिले, साथ ही सोयाबीन का समर्थन मूल्य 6000 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए.

किसानों का कहना है कि 2023-24 में ओलावृष्टि से फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं लेकिन मुआवजे के नाम पर मात्र 1000-1200 रुपये दिए गए. किसानों ने सैटेलाइट सर्वे प्रणाली को बंद करने की मांग की है. उनका कहना है कि इससे नुकसान का सही आकलन नहीं हो पाता है. वे चाहते हैं कि फसल बीमा कराने का अधिकार उनकी इच्छा पर छोड़ा जाए. किसानों ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना को बंद कर प्रति बीघा 1000 रुपये देने की मांग की है.