IMD Cyclone Shakti Updates: अरब सागर में उठा चक्रवाती तूफान ‘शक्ति’ की वजह से भारत में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है. ‘शक्ति’ तूफान 100 किमी प्रति घंटे रफ्तार की तेजी से भारत की ओर बढ़ रहा है. साल 2025 का ये पहला साइक्लोन है, जिसे नाम दिया गया है ‘शक्ति’. मौसम विभाग (IMD) ने इसकी पुष्टि कर दी है कि नॉर्थ ईस्ट अरब सागर में यह चक्रवात बन चुका है और आने वाले दिनों में इसका असर तटीय इलाकों में दिखाई देगा.
भारत की ओर तेजी से बढ़ रहे चक्रवात ‘शक्ति’ को लेकर IMD ने चेतावनी जारी की है. इस अलर्ट के बाद महाराष्ट्र सरकार ने आपदा प्रबंधन दलों को पूरी तरह से सक्रिय कर दिया है. समुद्री तटवर्ती जिलों में संभावित निकासी और राहत कार्यों की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. साथ ही, मछुआरों को समुद्र में न जाने के लिए सख्त हिदायत भी जारी की गई है ताकि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
चक्रवात का नाम ‘शक्ति’ नाम क्यों और किसने रखा?
चक्रवातों के नामकरण का काम विश्व मौसम संगठन (WMO) और ESCAP (Economic and Social Commission for Asia and the Pacific) के सदस्य देश मिलकर करते हैं. चक्रवातों के नामकरण के पीछे एक व्यवस्थित प्रक्रिया होती है. इस प्रणाली में कुल 13 देश शामिल हैं, जिनमें भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, पाकिस्तान, ओमान, मालदीव, म्यांमार और थाईलैंड जैसे देश प्रमुख हैं. इन सभी देशों ने पहले से कई नाम सुझा रखे हैं, जिन्हें क्रमवार तरीके से उपयोग किया जाता है. इसी क्रम के तहत, अरब सागर से उठे साल 2025 के पहले चक्रवाती तूफान का नाम रखा गया है ‘शक्ति’. यह नाम श्रीलंका द्वारा सुझाया गया था.
चक्रवात शक्ति की रफ्तार और दिशा
मौसम विभाग के अनुसार, ‘शक्ति’ अगले 24 से 48 घंटों में और तेज़ हो सकता है. इसकी रफ्तार समुद्र में 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई है. फिलहाल यह चक्रवात उत्तर-पूर्व दिशा में बढ़ रहा है और इसके प्रभाव से समुद्र में ऊंची लहरें उठने लगी हैं.
भारत में कहां होगा असर?
इस चक्रवात का सबसे ज्यादा असर गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक के तटीय इलाकों पर पड़ सकता है.
भारी बारिश: कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट जारी.
तेज हवाएं: समुद्र किनारे तेज़ झोंकों वाली हवाएं चलने की संभावना.
मत्स्य जीविका पर असर: मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है.
प्रशासन की तैयारी
प्रशासन ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF ) की टीमें तटीय जिलों में अलर्ट पर हैं. राज्य सरकारों को लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की सलाह दी गई है. बिजली आपूर्ति, परिवहन और संचार नेटवर्क पर भी असर पड़ सकता है, इसलिए पहले से तैयारी करने की अपील की गई है.