यमुना में सूटकेस में ऐसे मिली लडकी की लाश, फिर हुआ चौंकाने वाला खुलासा

A girl's body was found in a suitcase in the Yamuna River, and a shocking revelation was made.
A girl's body was found in a suitcase in the Yamuna River, and a shocking revelation was made.

कानपुर। लगभग डेढ़ माह पुराने मामले में प्रेमी और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी शव बाइक से चिल्लाघाट ले गए थे। इंस्टाग्राम से दोस्ती और फिर प्यार के बाद हत्या। प्रेमी ने प्रेमिका की हत्या कर शव सूटकेश में डालकर बाइक से 95 किलोमीटर दूर बांदा के चिल्लाघाट में यमुना में जाकर फेंका। हनुमंत विहार पुलिस ने लगभग डेढ़ महीने पहले हुई हत्या का शनिवार को खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने 21 जुलाई को वारदात को अंजाम दिया था।

कानपुर देहात के रूरा थानाक्षेत्र के सुजनीपुर इलाके की रहने वाली विजयश्री की चार संतानें थीं। उनकी तीसरे नंबर की बेटी आकांक्षा (20) अपनी बड़ी बहन प्रतीक्षा के साथ डेढ़ साल पहले बर्रा में किराये पर रहती थी। इंस्टाग्राम के माध्यम से उसकी दोस्ती फतेहपुर के बिंदकी थानाक्षेत्र के हरीखेड़ा निवासी सूरज से साल भर पहले हुई थी। सूरज बर्रा स्थित रेस्टोरेंट में इलेक्ट्रीशियन था। उसने आकांक्षा की नौकरी भी वहीं पर लगवा दी। सूरज के कहने पर वह दस माह पहले हनुमंत विहार स्थित दूसरे रेस्टोरेंट में काम करने लगी। बर्रा स्थित घर से रेस्टोरेंट की दूरी ज्यादा होने का बहाना बनाकर उसने करीब आठ माह पहले घर भी छोड़ दिया था। सूरज ने उसे हनुमंत विहार इलाके में प्रमोद तिवारी के मकान में किराये पर कमरा दिलाया था जहां वह आसानी से आता-जाता था।

आकांक्षा ने सूरज के बारे में अपने घरवालों को बता रखा था। 21 जुलाई की शाम को उसे सूरज के दूसरी लड़की से प्रेम संबंधों की जानकारी हुई तो उसने उसे रेस्टोरेंट बुलाया जहां दोनों में विवाद हो गया। इसके बाद रात में दोनों घर पहुंचे। वहां विवाद बढ़ने पर सूरज ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। शव को ठिकाने लगाने के लिए फतेहपुर के जाफरगंज थानाक्षेत्र के खानपुर कदीम निवासी दोस्त आशीष को घर बुलाया। शव सूटकेस में भरकर बाइक से 95 किमी दूर बांदा के चिल्लाघाट में यमुना में फेंक दिया।

मां विजय श्री के अनुसार, 22 जुलाई से बेटी का फोन स्विच ऑफ था। उन्होंने 23 को सूरज को फोन कर बेटी के बारे में पूछा तो उसने जानकारी न होने और खुद फतेहपुर में होने की बात कही। 24 जुलाई से लेकर आठ अगस्त तक बेटी की तलाश में वह बर्रा चौकी से लेकर सीपी कार्यालय तक भटकती रही। इसके बाद पुलिस कमिश्नर के आदेश पर हनुमंत विहार थाने में आठ अगस्त को बेटी की गुमशुदगी दर्ज हुई। इसके बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।

इसके बाद मां ने शक के आधार पर सूरज के खिलाफ 16 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई तो पुलिस ने सीडीआर और माेबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसने वारदात भी कबूल कर ली। कहा कि वह शादी का दबाव बना दुष्कर्म के मुकदमे में फंसाने की धमकी देती थी। इससे उसकी हत्या कर शव को यमुना में फेंक दिया। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है।

यमुना में शव फेंकने के पहले सूटकेस के साथ सेल्फी लेकर लगाया था स्टेटस
सूरज ने बताया कि घर में दोनों में जोरदार झगड़ा हुआ। इस दाैरान उसकी छाती पर ताबड़तोड़ घूंसे मारे फिर गला दबा दिया। शव को सूटकेस में भरकर बांदा के चिल्ला घाट ले गए। वहां यमुना में शव फेंकने के पहले सूटकेस के साथ सेल्फी लेकर स्टेटस भी लगाया था। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल से वह फोटो बरामद कर ली है। शव की तलाश कराई जा रही है। हालांकि बड़े सूटकेस के साथ स्टेटस देखकर भी किसी ने शक नहीं जताया।

परिजनों संग मिलकर ढूंढने का नाटक भी किया
रेस्टोरेंट कर्मी आकांक्षा का हत्यारोपी सूरज लगभग डेढ़ माह तक गुमराह करता रहा। उसने परिजनों संग मिलकर उसे ढूंढने का नाटक भी किया। पुलिस ने जब उसे पकड़ा तो कहा कि 21 जुलाई को रेस्टोरेंट में विवाद के बाद उसकी मुलाकात नहीं हुई। हालांकि पुलिस ने सीडीआर और मोबाइल लोकेशन के आधार पर उस रात दोनों के साथ होने की पुष्टि कर सख्ती से पूछताछ की तो सब कबूल कर लिया।

हनुमंत विहार थानाध्यक्ष राजीव सिंह के अनुसार, सूरज ने बताया कि बाइक से चिल्ला घाट जाने और वहां से लौटने के बाद वह सीधे सेंट्रल स्टेशन गया जहां उसने बिहार की ओर जा रही एक ट्रेन के डिब्बे में आकांक्षा का मोबाइल स्विच ऑफ कर छिपा दिया ताकि किसी को उस पर शक न हो। उसे अंदेशा था कि पुलिस जब उसके मोबाइल की लोकेशन निकालेगी तो ट्रेन के सफर में होने के कारण लोकेशन भी बदलती रहेगी। उसने कहाकि उसके दूसरी युवती के साथ संबंधों की जानकारी होने से वह बेहद खफा थी। शादी का दबाव दे रही थी। टालने पर उन दोनों के साथ की तस्वीरों को वायरल करने व झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी थी।