मेरठ: यूपी के मेरठ में अवैध प्रेम संबंध में बाधक बने प्रेमिका के सात साल के बेटे अंगदवीर की हत्या करने वाले वाले बैंक मैनेजर को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। अंगद के पिता गुरसेवक दुबई में नौकरी करते हैं। उनको परिवार दो स्थानों पर निवास करता है पटियाला पंजाब में ओर दूसरा मेरठ के रामराज में। अंगद पटियाला में अपनी दादी के पास रहकर पढ़ाई कर रहा था। वह कुछ दिन पहले अपनी दादी के साथ मेरठ आया था।
बेटे अंगदवीर की हत्या के बाद पिता समेत दादी का बुरा हाल है। बाबा दिलबाग ने बताया कि गुरप्रीत ने अपने इकलौते बेटे को कभी अपना दूध तक नहीं पिलाया था। छोटी बुआ नवनीत कौर ने ही उसको पाला था। उनका पूरा परिवार पटियाला शिफ्ट होने की योजना बना रहा था, लेकिन उसस पहले ही यह वारदात हो गई।
गुरप्रीत तलाक चाहती थी
पुलिस के अनुसार, अंगद की मां गुरप्रीत कुछ समय में अपने मायके नजीबाबाद बिजनौर रह रही थी। उसी दौरान उसकी मुलाकात पड़ोस में रहने वाले अर्पित शर्मा से हुई थी। दोनों के बीच अवैध संबंध कायम हो गए। गुरप्रीत ने गुरसेवक से तलाक मांगा था पर उसने इनकार कर दिया था। इसलिए दोनों के बीच शादी नहीं हो सकती थी।
अंगद ने अर्पित को मां के साथ देख लिया था
पुलिस पूछताछ में आरोपी अर्पित ने बताया कि तीन दिन दिन पहले अंगदवीर ने गुरप्रीत को उसके साथ देख लिया था। कहीं दोनों के मेलजोल का भेद न खुल जाए इसी डर से अर्पित में अंगदवीर को रास्ते से हटाने का निर्णय कर लिया। मंगलवार को उसने अंगदवीर को चाकलेट दिलवाने के बहाने गाड़ी में बैठाया और हस्तिनापुर के जंगल में ले गया। हस्तिनापुर के काली माता मंदिर के पास उसने अंगद की पगड़ी से उसका मुंह बांधकर चाकू से गला रेत दिया। फिर शव को जंगल में फेंक दिया।
24 घंटे के भीतर गिरफ्तार हुआ आरोपी
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी अर्पित को 24 घंटे में ही गिरफ्तार कर लिया था। उसने पहले पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से अंगद की हत्या का शव को मवाना नहर में फेंकने की बात बताई। बाद में सख्त पूछताछ करने पर उसने हस्तिनापुर के जंगल में शव फेंकने की बात बताई, पुलिस ने आरोपी के बताए स्थान से अंगद का शव बरामद कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।