क्या आप भी खाते हैं सोया चाप? वायरल Video में खुली हाइजीन की पोल, बैटर पर नहाते दिखे कारीगर

नोएडा: पनीर और मांसाहार (नॉनवेज) के लोकप्रिय विकल्प के रूप में खाए जाने वाले सोया चाप की मेकिंग का एक बेहद घिनौना और अशुद्ध तरीका सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में सोया चाप तैयार करने वाले कारीगर जमीन पर फैले कच्चे माल (बैटर) पर लेटकर नहाते और रील्स बनाते हुए नजर आ रहे हैं।

गंदगी और अस्वच्छ माहौल में इस तरह तैयार किए जा रहे सोया चाप के सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने और बीमार होने की पूरी संभावना है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो नोएडा के सेक्टर-27 स्थित एक फैक्ट्री का है। मामला सामने आने के बाद पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसकी तफ्तीश शुरू कर दी है।

रील्स बनाने के चक्कर में सेहत से खिलवाड़
सोशल मीडिया पर सामने आया 37 सेकेंड का यह वीडियो सोया चाप बनाने वाली एक प्रोसेसिंग इकाई का दिख रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि परिसर के फर्श पर सोया चाप का बैटर फैला हुआ है।

उस बैटर के ऊपर अर्धनग्न हालत में लेटे एक कारीगर को उसका साथी घसीट रहा है, जबकि तीसरा कर्मचारी पाइप से उन पर पानी की बौछार कर रहा है। वह कारीगर पूरे बैटर को अपने शरीर पर लपेटता हुआ इधर-उधर घूम रहा है, वहीं पास में अन्य कर्मचारी मशीनों पर काम करते दिख रहे हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ…’ से जुड़ा एक गाना भी बज रहा है।

उत्पाद में बदबू और कीड़े मिलने की मुख्य वजह
चाहे सोया चाप का बैटर हो या मैदे से बनने वाले अन्य खाद्य पदार्थ, गली-मोहल्लों में अवैध और चोरी-छिपे चल रही फैक्ट्रियों में अक्सर इस तरह की गंभीर लापरवाहियां सामने आती हैं। खाद्य विशेषज्ञों का मानना है कि निर्माण के दौरान बरती जाने वाली इसी अनहाइजीनिक कार्यशैली के कारण अक्सर बाजार में मिलने वाले सोया चाप से बदबू आने और कीड़े निकलने जैसी शिकायतें मिलती हैं।

यदि प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ऐसी इकाइयों का नियमित और औचक निरीक्षण (सरप्राइज चेकिंग) करे, तो इस तरह की अमानवीय और असुरक्षित गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सकता है, जिससे आम जनता तक शुद्ध खाद्य सामग्री की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

खाद्य सुरक्षा विभाग की प्रतिक्रिया
मामले पर संज्ञान लेते हुए सहायक आयुक्त खाद्य (द्वितीय) गौतमबुद्ध नगर, सर्वेश मिश्रा ने बताया कि वायरल वीडियो उनके ध्यान में आया है। शुरुआती जांच में यह वीडियो नोएडा क्षेत्र का प्रतीत नहीं हो रहा है, हालांकि इसकी सत्यता और लोकेशन की गहनता से जांच की जा रही है।