दुनिया छोड़ रहा हूं, युवती के साथ यमुना में लगाई छलांग-मचा कोहराम

आगरा के बाह में बटेश्वर के घाट पर बने पांटून पुल से बृहस्पतिवार को दिन में करीब 3:30 बजे युवक और युवती ने एक दूसरे का हाथ थाम कर यमुना नदी में छलांग लगा दी। दोनों बाइक से पुल पर पहुंचे थे। बाइक पुल पर खड़ी कर आत्मघाती कदम उठाया। गोताखोरों ने युवक के शव खोज निकाला। युवती का कुछ पता नहीं चल सका है।

पुलिस के मुताबिक नारखी, फिरोजाबाद के दौलतपुर मुइउद्दीनपुर गांव के किशनलाल का बेटा गुलशन यादव उर्फ गोलू (23) बचपन से ही अपनी ननिहाल गुढ़ा, गढ़सान, फिरोजाबाद के लालऊ गांव में रह रहा था। बृहस्पतिवार को दिन में करीब 3:30 बजे वह बाइक से बटेश्वर पहुंचा। पांटून पुल पर बाइक खड़ी की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक ने हरे रंग के कपड़े (सूट या साड़ी) पहने युवती का हाथ थामा और यमुना नदी में छलांग लगा दी।

नदी में युवक और युवती के छलांग लगाते हुए घाट से देखने वाले गोताखोर अनिल भागकर वहां पहुंचा और युवक को पकड़कर बाहर निकाल लिया। हालांकि तब तक युवक की सांसें थम चुकी थीं। पैंट की जेब में मिले आधार कार्ड से मृतक की पहचान गुलशन यादव उर्फ गोलू के रूप में हुई। जेब में निकले मोबाइल के सिम कार्ड से पुलिस ने कॉल की तो उसके मामा श्याम यादव से बात हुई।

घटना की जानकारी होते ही मामा श्याम यादव, मृतक के पिता किशनलाल आदि परिजन मौके पर पहुंचे। एक कॉल से युवती के शिकोहाबाद के एक गांव के होने की जानकारी मिली है। लेकिन परिजन युवती को लेकर कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं थे। युवक की मौत से परिवारवालों की रो-रो कर हालत खराब थी। फिलहाल पुलिस युवती की तलाश में जुटी है। प्रभारी निरीक्षक बाह सत्यदेव शर्मा ने बताया कि मृतक युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। युवती की तलाश कराई जा रही है।

कॉल कर मामा से बोला दुनिया छोड़ रहा हूं…पुल से बाइक उठा ले जाना
बटेश्वर के पांटून पुल से यमुना नदी में छलांग लगाने से पहले गुलशन यादव उर्फ गोलू ने अपने मामा श्याम यादव को फोन कॉल की थी। जिसमें कहा था कि मामा जा रहा हूं, बाइक बटेश्वर के पुल पर खड़ी है, ले जाना। श्याम यादव ने बताया कि उसे रुकने के लिए बोला तो फोन काट दिया। दोबारा से कॉल किया तो मोबाइल स्विच ऑफ जा रहा था। उन्होंने बताया कि बचपन से ही गोलू उनके पास रहा था। आईटीआई करने के बाद सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने लगा था। 15 दिन पहले ही नई बाइक दिलाई थी। उन्होंने बताया कि करीब 10 साल पहले उसकी मां विनीता देवी की बीमारी के कारण मौत हुई थी। उन्होंने बताया कि गोलू ने आत्मघाती कदम क्यों उठा लिया? उनको भनक तक नहीं लगी।

बुआ बोली- खूब रोका, लेकिन मौत खींच ले गई
बटेश्वर के घाट पर गोलू का शव देख उसकी बुआ शिकोहाबाद के लाटूमई गांव की पिंकी यादव की आंखों में आंसू नहीं रुक रहे थे। उन्होंने बताया कि दोपहर में वह दौलतपुर मुइउद्दीनपुर गांव से चाची सीमा को बाइक से उनके पास छोड़ने आया था। उसे रोका था, कहा था कि सुबह चले जाना, लेकिन वह माना नहीं। कह रहा था कि जरूरी काम है, रुक नहीं पाऊंगा। उसे नहीं पता था कि गोलू को मौत खींच कर ले जा रही थी।

पत्नी के बाद बेटे का साथ छूटा, निशब्द पिता के आंसू सूखे
पत्नी विनीता देवी की मौत के बाद बेटे गुलशन यादव उर्फ गोलू का साथ छूटने से पिता किशनलाल निशब्द हैं, उनके आंसू तक सूख गए हैं। घाट पर खड़े थे, पूछे जाने पर खामोश रहे, एक शब्द तक नहीं बोले। मामा श्याम यादव ने बताया कि गोलू का छोटा भाई देव यादव भी उनके पास रहने लगा था। पिता से अनबन होने की वजह से अपने पास रख लिया था। किशनलाल गांव में खेती करते हैं। उनकी हालत देखने वाले तक भावुक हुए बिना नहीं रहे।

साथ कूदने वाली युवती कौन थी
पांटून पुल से एक दूसरे का हाथ थाम कर गोलू के साथ कूदने वाली युवती कौन थी? गोलू के साथ उसका क्या रिश्ता था। युवती शिकोहाबाद के एक गांव की रहने वाली बताई जा रही है। युवती के बारे में गोलू के परिजन के अनभिज्ञता जताने के बाद सवाल उठने लगे हैं। परिजन के सामने आने या फिर यमुना में तलाश पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।