मेरठ में घूम रहा नंगा गैंगः खेतों में महिलाओं को बना रहा शिकार, करता है ये हरकत

Naked gang roaming in Meerut: Hunting women in fields, doing this
Naked gang roaming in Meerut: Hunting women in fields, doing this

मेरठ: पश्चिमी यूपी का भराला गांव (NH-58 के सिवाया टोल प्लाजा से करीब 2 किमी भीतर) इन दिनों खौफ के साए में है। वजह है रहस्यमयी ‘न्यूड गैंग’। इसके सदस्य पूरी तरह निर्वस्त्र होकर खेतों के सुनसान रास्तों पर घूमते हैं और अकेली महिलाओं को निशाना बनाते हैं। गांव में बीते कुछ दिनों में चौथी वारदात सामने आने के बाद हालात इतने भयावह हो गए हैं कि ग्रामीण अब खेतों के रास्ते से गुजरने से कतराने लगे हैं। वहीं, पुलिस ने दो नए एंगल पर भी अपनी जांच शुरू कर दी है। साथ ही न्यूड गैंग का स्केच बनवाकर पहचान करवाने की तैयारी है।

महिला को खेत में खींचने की कोशिश, बस ड्राइवर ने बचाया
बीते शनिवार को इस गैंग के दो सदस्यों ने खेत से गुजर रही महिला को खींचने की कोशिश की। तभी पास से गुजर रही स्कूल बस के ड्राइवर और गार्ड ने शोर मचाकर महिला को बचाया। इस दौरान महिला को चोटें भी आईं। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और खेतों में ड्रोन कैमरे से सर्च ऑपरेशन चलाया।

मेहमान भी गांव आने से बचने लगे हैं
गांव के निवासी हरेंद्र बताते हैं कि यह घटना अब तक की चौथी है। गांव की महिलाएं और स्कूली छात्राएं अब खेतों से होकर नहीं जातीं। मेहमान भी गांव आने से बचने लगे हैं। हम खुद भी रात में सुनसान रास्ते छोड़कर घूमकर आना-जाना कर रहे हैं।

पुलिस गांव वालों के साथ कर रही कॉम्बिंग
ग्राम प्रधान राजेंद्र ने बताया कि पीड़ित महिला के अनुसार दो युवक पूरी तरह निर्वस्त्र थे। उन्होंने खेत में खींचने की कोशिश की थी। पहली तीन घटनाओं को ग्रामीणों ने मजाक या शरारत समझकर नजरअंदाज किया, लेकिन चौथी वारदात ने हद कर दी। पुलिस गांव वालों के साथ कॉम्बिंग भी कर रही है।

दहशत में महिलाएं, लाठी-डंडों से पहरेदारी
गांव की महिलाएं खेतों की राह छोड़ चुकी हैं। छात्राओं ने स्कूल आने-जाने के रास्ते बदल लिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे हथियारबंद नहीं हैं। सिर्फ लाठी-डंडों से ही अपनी सुरक्षा कर रहे हैं। गांव में खौफ का माहौल साफ झलक रहा है और लोग प्रशासन से जल्द से जल्द न्यूड गैंग का पर्दाफाश करने की मांग कर रहे हैं।

दो एंगल पर चल रही है जांच
1. स्कूल विवाद का शक: किसी छात्र या शिक्षक से हुए विवाद को लेकर बच्चों या युवाओं की शरारत।
2. पंचायती चुनाव का एंगल: चुनावी माहौल में गांव में दहशत फैलाकर राजनीतिक फायदा उठाना।

फिलहाल पुलिस को शक है कि इस पूरे मामले में कोई अंदरूनी साजिश है। सूत्रों का दावा है कि ग्रामीणों के बीच अब एक-दूसरे पर शक जाहिर करने और शिकायतें दर्ज कराने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

7 सीसीटीवी और 4 पुलिस टीमें तैनात
एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि चार नहीं केवल एक घटना हुई है। आरोपियों की तलाश के लिए चार विशेष टीमें गठित की गई हैं। गांव और रास्तों पर 7 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और उनकी निगरानी लगातार की जा रही है। साथ ही खेतों और रास्तों पर ड्रोन से कॉम्बिंग अभियान चलाया जा रहा है। गांव में गश्त तेज कर दी गई है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो पीड़ित महिलाओं की मदद से स्केच बनवाए जाएंगे।