ट्रेन के AC कोच से बेडशीट-तकिया चोरी कर रहा था पुलिस वाला, रेलवे स्टाफ ने पकड़ा

ट्रेन के AC कोच में सफर करने वाले ज्यादातर लोग इस बात से वाकिफ है कि वहां मिलने वाली बेडशीट और चादर सिर्फ वहीं पर यूज करने के लिए होती है। इसे घर नहीं ले जाना होता। लेकिन कई लोग ऐसा जानते हुए भी चोरी करते है और जब वो पकड़े जाते हैं, तो उनपर सख्त एक्शन होता है। ऐसा कोई आम पैसेंजर करे, तो बात फिर भी समझ आती है।

लेकिन अगर कोई जिम्मेदार पुलिस वाला ऐसा काम करते हुए पकड़ा जाए, तो यह उसके लिए बेहद शर्म की बात होती है। क्योंकि जिस पुलिस से जनता सुरक्षा की उम्मीद कर रही हो, अगर वहीं तकिया और बेडशीट जैसी चीजें चुराएं, तो यह एक घटिया हरकत होती है। खैर, जिस पुलिस वाले को यह करते हुए पकड़ा गया है, वह फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट में काम करता है।

बेडशीट और तकिया चुरा रहे थे
रेलवे स्टॉफ ने जब पुलिस का यूनिफॉर्म पहने और ऊपर सफेद रंग की जैकेट डाले हुए शख्स को चोरी करते हुए पकड़ती है, तो वह हाथ जोड़ लेता है। बाद में जब उसके थैले को चेक किया जाता है, तो उसमें से रेलवे की तकिया निकलती है। इस दौरान, वह पुलिस वाले का वर्दी पर लगा नेम प्लेट चेक करते है, तो उसका नाम ‘भानू प्रताप सिंह’ पता लगता है।

कहां पर पोस्टिंग है आपकी?
इस सवाल के जवाब में पुलिस वाला बताता है कि ‘प्रयागराज कुंभ’ में उसकी ड्यूटी लगी है। आगे जब रेलवे वाले उसपर शराब पीने का इल्जाम लगाते है, तो वह कहता है कि नहीं, शराब तो 1 बूंद नहीं पीए है। थैले से निकली 2 तकिए के बारे में जब रेलवे स्टाफ, पुलिस कर्मचारी से पूछता है, तो वह बताता है कि ‘ये गिरी हुई थी, इसलिए उसने उठा ली।’

बेडशीट-तकिया चोरी करने पर एक्शन
अगर कोई भी व्यक्ति ट्रेन के अंदर रेलवे की प्रॉपर्टी, जैसे की ट्रेन की बर्थ शीट, तकिया या ब्लैंकेट चोरी करते हुए पकड़ा जाता है। तो उसपर रेलवे एक्ट के तहत सेक्शन 140 और 154 के तहत रेलवे संपत्ति को अनाधिकृत रूप से हटाने को लेकर पेनाल्टी/फाइन/ जुर्माना लगाया जा सकता है। आइए जानते है, ऐसे मामलों में क्या-क्या हो सकता है:-

> RPF अगर पैसेंजर को ऐसे करते हुए पकड़ती है, तो सबसे पहले सामान को जब्त करेगी।

> फिर संबंधित पैसेंजर पर पेनाल्टी या फाइन लगाएगी। कुछ मामलों में पुलिस FIR भी दर्ज कर सकती है।

> ऐसे मामलों में 1 हजार का फाइन और 6 महीने की जेल भी हो सकती है।

> अगर कोई रीपिटेड ऑफेंडर है, तो जुर्माने की रकम और जेल की सजा भी, अदालती कार्रवाई के आधार पर बढ़ सकती है।