सुसाइड नोट में खुलासाः ’मेरी सास भी चरित्रहीन’, सबने मिलकर मेरी…

हरियाणा के कैथल के अर्जुन नगर निवासी हर्ष (25) ने सुसाइड नोट में कई चौंकाने वाली बातें लिखी हैं। जांच में सामने आया है कि उसने सुसाइड नोट में यह भी लिखा है कि उसकी सास खुद एक अन्य व्यक्ति के साथ संबंध में है। मेरी पत्नी और सास दोनों ने मेरे जीवन को बर्बाद कर दिया। झूठे आरोप लगाकर मुझे अपमानित किया गया और मानसिक रूप से इतना तोड़ा गया कि आत्महत्या ही एकमात्र रास्ता बचा। उसने मांग की कि उसके ऊपर लगाए गए झूठे आरोपों की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ सामने लाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

मां-पिता के नाम भावुक संदेश
हर्ष ने लिखा है- मां, मैं माफ़ी मांगता हूं… मैं आपका अच्छा बेटा नहीं बन पाया। मैंने हमेशा आपको दुख ही दिए, पर आप जैसी मां हर किसी को नहीं मिलती। आपने मुझे बहुत प्यार से पाला, मैं आपका कर्ज कभी नहीं चुका सकता।

अपने पिता के लिए लिखा, बापू, मैं तेरे जैसा नहीं बन सका। तेरे जैसा बड़ा कोई भगवान नहीं। तू मेरे लिए सबसे बड़ा देवता है। पर बापू, मैं जिंदगी से हार गया, मुझे माफ कर देना।

परिजनों और दोस्तों के लिए लिखा आभार
हर्ष ने अपने भाइयों करमवीर, सुरेश, मनीष, भाभी रानी और अन्य परिजनों का नाम लेकर लिखा कि उन्होंने उसे हमेशा प्यार और साथ दिया, पर वह जीवन की लड़ाई हार गया।

अपने मामा-मामी के नाम लिखा- मामी, कृष और मनु की पढ़ाई पूरी कराना, उनके सपने अधूरे मत छोड़ना। आपने मुझे हमेशा बेटे की तरह रखा, मैं आपका कर्जदार हूं। कॉलेज और ट्यूशन के दोस्तों के लिए लिखा- आप सभी ने मुझे हमेशा सहारा दिया, लेकिन मैं अब थक गया हूं। माफ करना, मैं आपको इस तरह छोड़कर जा रहा हूं।

यह है मामला-
अर्जुन नगर निवासी हर्ष (25) ने रविवार दोपहर बाद घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके से पुलिस को पांच पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें युवक ने अपनी पत्नी उसके लिव इन पार्टनर और सास पर आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक ने पत्र में ही अपनी मां से माफी भी मांगी है। युवक के पिता ने शहर थाने में तहरीर दी है।

घटना के समय युवक घर पर अकेला था। जब आस-पास के लोग घर पहुंचे तो उन्होंने उसे फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया। डॉक्टरों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया।

बेटे के नाम आखिरी संदेश
सुसाइड नोट के अंतिम हिस्से में हर्ष ने अपने बेटे रुद्रांश को संबोधित करते हुए लिखा, बेटा रुद्र, तेरे बाप को माफ कर देना। तेरे लिए जो सपने देखे थे, वो अधूरे रह गए। मैंने सोचा था तुझे पढ़ाकर अपनी जिंदगी का हर अधूरा सपना पूरा करूंगा, पर तेरी मां ने जमीन को तुझसे ज़्यादा प्यार किया। तेरी मां ने कसम खाई थी कि तेरे बिना नहीं रह सकती, पर सब झूठ निकला।