आजमगढ़ के सिधारी थाना इलाके में सात वर्षीय बच्चे के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया हैं। वहीं, एक किशोरी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया। इस मामले में दो आरोपी पहले ही पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार हो चुके थे। 24 सितंबर की रात साहेबे आलम ने सूचना दी कि उनका सात वर्षीय पुत्र शाजेब शाम पांच बजे से लापता है। पुलिस ने तत्काल सिधारी थाने में मुकदमा पंजीकृत किया। 25 सितंबर की सुबह परिजनों को 12 लाख की फिरौती मांगने की सूचना मिली, और कुछ देर बाद मृतक का शव पड़ोस के घर पर पाया गया।

एसपी डॉ. अनिल कुमार ने घटना के शीघ्र अनावरण और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया। दोपहर में परिजनों ने दो आरोपियों शैलेंद्र कुमार निगम उर्फ मन्टू और राजा निगम को नामजद किया, जिनकी पुरानी हार्डवेयर दुकान की रंजिश और व्यवसायिक विवाद के चलते हत्या की योजना बताई गई।
इसके बाद थाना प्रभारी हिमेंद्र सिंह और मुबारकपुर की संयुक्त टीम ने इटौरा के पास डेंटल कॉलेज के बगल से शैलेंद्र और राजा निगम को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। साथ ही अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी थी। शुक्रवार को उपनिरीक्षक मो. जावेद सिद्दीकी अपनी टीम के साथ बैठौली तिराहे से अन्य तीन आरोपियों राजू प्रसाद निगम, उनकी पत्नी उर्मिला देवी और पुत्री रिंकी निगम को गिरफ्तार कर लिया। जबकि एक किशोरी अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया।

मृतक के परिवार से मिलने के लिए सपा की महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय महासचिव सुनीता सिंह अपनी टीम के साथ उनके घर पहुंचीं और मृतक की मां को ढांढस बधाया। उन्होंने एसपी, डीएम और डीआईजी से मांग की कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, उनके घर गिराए जाएं और दोषियों को फांसी की सजा दी जाए।
सपा के सांसद दरोगा प्रसाद सरोज और विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने पुलिस अधीक्षक डा. अनिल कुमार से मुलाकात कर जघन्य हत्या में लापरवाही को लेकर सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी सड़क पर उतर सकती है। सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने भी कहा कि आरोपी के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई की जाए और थानों में हो रहे भ्रष्टाचार को रोका जाए। सदर विधायक दुर्गा प्रसाद यादव ने कहा कि पुलिस ने तत्काल प्रभाव से कार्य नहीं किया।

नतीजन बच्चे की हत्या कर दी गई। एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि शाजेब की हत्या का कारण जमीन संबंधित विवाद अभी सामने आ रहा है। इस मामले में आरोपी शैलेंद्र निगम उर्फ मंटू और राजा निगम के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
चप्पे-चप्पे पर तैनात रही पुलिस
सिधारी में मासूम की हत्या के बाद पुलिस प्रशासन भी सतर्क हो गया है। बृहस्पतिवार की रात मासूम के शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया लेकिन पुलिस प्रशासन अभी भी सक्रिय है। कारण कि सामने दशहरा का त्योहार है। किसी तरह का विवाद न हो इसे लेकर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात है।

दूरे दिन भी नहीं जले चूल्हे
बेटे की मौत के बाद से परिवार में मातम छाया हुआ है। मां हर समय बिलख बिलख कर रो पड़ रही। हर किसी से वह बस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रही है। बेटे के जाने के गम में पूरा परिवार रोता रहा। घटना के दूसरे दिन भी घर के चूल्हे नहीं जले।
हत्या के विरोध में दोपहर तक दुकानें रही बंद, बुलडोजर चलाने की उठाई मांग
सिधारी थाना क्षेत्र के पठान टोला निवासी सात वर्षीय शाजेब की हत्या के दूसरे दिन शुक्रवार को भी पूरा क्षेत्र गमगीन रहा। व्यापारियों ने घटना के विरोध में दोपहर दो बजे तक सभी दुकानें बंद रखीं। आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग की। एक तरफ जहां मृतक के घर सपा नेताओं के आने-जाने का सिलसिला चलता रहा। वहीं दूसरी तरफ सपा के नेता एसपी से मिलकर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग किए। मांग पूरी न होने पर सड़क पर उतरने की चेतावनी दी। सिधारी थाना क्षेत्र के पठान टोला मुहल्ले में बृहस्पतिवार को हुई शाजेब की हत्या के दूसरे दिन भी माहौल गर्म रहा।

इस घटना के विरोध में सिधारी क्षेत्र के व्यापारियों ने अपनी दुकानें दोपहर लगभग दो बजे तक बंद रखीं। वहीं मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे मुहल्ले में पुलिस बल तैनात रहा। इसके कारण सड़क पर सिर्फ आने वाले ही नजर आए। पुलिस प्रशासन भी दो समुदाय का मामला होने के कारण पुलिस प्रशासन काफी सतर्क है।
शुक्रवार को पूरे दिन सपा नेताओं का मृतक शाजेब के घर आने जाने का सिलसिला जारी रहा। दोपहर दो बजे के बाद दुकानों के शटर खुले, इसके बाद भी ग्राहकों की आवाजाही कम ही रहीं।
यह था पूरा मामला: पड़ोसी की छत पर मिले खून के निशान
आजमगढ़ के सिधारी थाना इलाके के पठान टोला निवासी और हार्डवेयर कारोबारी मुकर्रम अली के सात साल के बेटे शाजेब अली की हत्या की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को जांच में मिला कि हत्यारोपी की छत पर खून के निशान मिले। सिधारी थाना इलाके के पठान टोला, हाइडिल चौराहे के पास रहने वाले मुकर्रम अली ने बताया कि बेटा शाजेब बुधवार की शाम घर से लापता था।
मां ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस से गुमशुदगी की शिकायत की तो पुलिस ने 24 घंटे बाद कार्रवाई करने का हवाला देकर घर भेज दिया। इसकी सूचना शाम करीब सात बजे सिधारी थाने पर दी थी। पुलिस भी बच्चे की तलाश में जुटी थी। बृहस्पतिवार की सुबह करीब सात बजे किसी ने फोन कर फिरौती मांगी। इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
पुलिस सर्विलांस के माध्यम से फोन नंबर का पता ही कर रही थी कि सुबह करीब 11 बजे शाजेब का शव उसके घर के बगल में लगे गेट के ऊपर तार से लटकते बोरे में मिला। शव मिलने की सूचना पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और सड़क पर जाम लगा दिया।
सूचना पर एडिशनल एसपी चिराग जैन मौके पर पहुंच गए। पांच थानों की पुलिस व पीएसी भी बुला ली गई। फोरेंसिक, डॉग स्क्वायड व सर्विलांस टीम भी मौके पर पहुंची। इधर, बच्चे की हत्या की जानकारी मिलते ही सपा विधायक दुर्गा प्रसाद यादव पीड़ित परिवार से मिले और न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
मासूम घुमाने के बहाने ले गया फिर कर दी हत्या
आजमगढ़ के सिधारी थाना क्षेत्र में पठान टोला निवासी मासूम को आरोपी पड़ोसी घुमाने के बहाने ले गया। इसके बाद झूला झुलाया फिर उसको गायब करके उसकी हत्या कर दी। वहीं वारदात के बाद आरोपी मासूम के घर जाकर पूछता भी रहा अभी मिला कि नहीं। दूसरे दिन लापता सात वर्षीय शाजेब अली का शव उसके घर के बगल में लगे गेट पर तार में बोरे में लटका मिला।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने जमीनी विवाद और व्यावसायिक स्पर्धा में मासूम की हत्या की थी। पुलिस ने दोनों आरोपी शैलेन्द्र निगम उर्फ मंटू और राजा निगम को इटौरा के पास मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सिधारी थाना क्षेत्र के पठान टोला निवासी मुकर्रम अली का पुत्र शाजेब अली बुधवार की शाम घर से निकला था और लापता हो गया था। परिजनों ने शाम करीब सात बजे इसकी सूचना पुलिस को दी थी। मासूम शाजेब की मां जैस्मिन ने बताया कि आरोपी शैलेन्द्र निगम उर्फ मंटू उनके पुत्र को घुमाने लेकर गया था। इसके बाद उसे झुला झुलाया। इसके बाद से शाजेब लापता हो गया। शाजेब की मां ने बताया कि मंटू बार-बार उसके घर आकर पूछ रहा था कि शाजेब मिला या नहीं।
मां ने बताया कि शाजेब के पिता के मोबाइल पर बृहस्पतिवार की सुबह करीब सात बजे 12 लाख की फिरौती के लिए फोन आया था। पुलिस अभी तलाश कर रही थी कि शाजेब का शव उसके घर के बगल में ही मिला। परिजनों ने पड़ोसी शैलेन्द्र निगम उर्फ मंटू पर हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही थी।
मां बोली- बेटा कहता था पढ़कर कामयाब बनूंगा
सिधारी थाना क्षेत्र के पठान टोला मोहल्ले में बृहस्पतिवार को एक दिन पूर्व लापता हुए सात वर्षीय मासूम शाजेब की हत्या से परिवार में मातम छा गया। मां बिलख-बिलखकर रो रही थी। बस यही कह रहीं कि बेटा बोलता था कि मां मैं पढ़कर कामयाब बनूंगा। इस तरह बेटे की हत्या हो जाएगी इसका अंदाजा भी नहीं था। जानकारी मुताबिक शाजेब तीन भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। वह कक्षा एक का छात्र था। उसकी मां जैस्मिन खातून ने रोते हुए बताया कि जब उनका बेटा गायब हुआ तो वह लोग सिधारी थाने पर शिकायत करने के लिए गए।
पुलिस ने वहां यह कह कर घर भेज दिया कि इस मामले में 24 घंटे बाद कार्रवाई की जाएगी। परिजन निराश होकर घर लौट आए। मां का आरोप है कि पुलिस ने भी उनके बेटे की तलाश नहीं की और 24 घंटे होने का इंतजार करती रही। यदि पुलिस सक्रिय होती तो उनके बेटे की हत्या नहीं होती। मां ने बताया कि मेरा बेटा शाजेब पढ़ाई में अपनी कक्षा में टॉपर था। उसने सरकार से गुहार लगाई कि हत्या करने वाले का घर गिराया जाए। उसके पूरे परिवार वालों ने मिलकर बेटे की हत्या की है।
मुठभेड़ में मुख्य आरोपी के दोनों पैर में लगी गोली
एसपी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि इटौरा के पास खेमऊपुर गांव के पास पुलिस चेकिंग कर रही थी। आरोपी शैलेन्द्र निगम उर्फ मंटू और उसका भाई राजा निगम भी आया। तभी पुलिस को देख दोनों भागने लगे और पुलिस पर फायर कर दिया। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई, जिसमें मुख्य आरोपी शैलेन्द्र निगम उर्फ मंटू के पैर में दो गोली लगी और राजा निगम के पैर में एक गोली लगी। पुलिस ने आरोपियों के पास दो तमंचे और कारतूस बरामद किए। इधर, पुलिस की मौजूदगी में 10:16 पर परिजनों ने शव को सुपुर्द ए खाक किया। इस दौरान पुलिस ने हाइडल चौराहा से सिधारी चौराहा तक मार्ग को बंद रखा। पूरा मार्ग छावनी में तब्दील थी। वहीं ड्रोन कैमरे से निगरानी होती रही।