मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में बीजेपी को सत्ता मिलती दिख रही है। बीएमसी चुनावों की वोटिंग के बाद अब तक आए तमाम एग्जिट पोल में बीजेपी क्लीन स्वीप करती दिख रही है। ठाकरे भाई बीजेपी-शिंदे की सेना के गठबंधन को सत्ता में आने से नहीं रोकते दिख रहे हैं। यह पहला मौका होगा जब देश के सबसे अमीर नगर निगम में बीजेपी को मेयर की कुर्सी मिलेगी। मुंबई बीएमसी में 1996 से लगातार अविभाजित शिवसेना का कब्जा था। मुंबई बीएमसी में चुनी बॉडी का कार्यकाल 2022 में पूरा हो गया था। तब से बीएमसी का कामकाज प्रशासक के हवाले था।
| मुंबई बीएमसी चुनाव एग्जिट पाेल 2026 | ||||||
| क्र. सं. | सर्वे एजेंसी | बीजेपी+शिवसेना | ठाकरे ब्रदर्स+शरद | कांग्रेस+VBA | NCP अजित | अन्य |
| 1 | एक्सिस माय इंडिया | 131-151 | 58-68 | 12-15 | 0 | 6-12 |
| 2 | जनमत | 138 | 62 | 23 | 0 | 7 |
| 3 | जेडीएस | 127-154 | 44-64 | 14-25 | 1-4 | 9-17 |
| 4 | DV रिसर्च | 107 -122 | 68-87 | 16-25 | 1-4 | 9-17 |
| पोल्स ऑफ पोल | 128-140 | 58-67 | 18-22 | 1-2 | 8-13 |
16 जनवरी को आएंगे नतीजे
बीएमसी चुनावों के लिए 15 जनवरी को वोट डाले गए थे। मतों की गिनती 16 जनवरी को होगी। बीएमसी में कुल वार्डों की संख्या 227 है। बहुमत का आंकड़ा 114 सीटों है। लंबे वक्त से बीएमसी पर उद्धव ठाकरे की अविभाजित शिवसेना का कब्जा था। 2026 के एग्जिट पोल में शिंदे की मदद से बीजेपी का अपना मेयर बनाने का सपना पूरा होता दिख रहा है। बीएमसी चुनावों में जीत के लिए उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे 20 साल बाद साथ आए थे। दोनों भाईयों ने मराठी कार्ड के साथ अडानी के बढ़ते प्रभाव को मुद्दा बनाया था, तो वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के चेहरे पर चुनाव लड़ा था। बीएमसी के आखिरी चुनाव 2017 में हुए थे। तब बीजेपी सिर्फ दो सीटों से उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना से पीछे रह गई थी।
मराठी अस्मिता Vs डेवलपमेंट था मुद्दा
बीएमसी चुनावों में ठाकरे ब्रदर्स ने मराठी अस्मिता के साथ हिंदी-मराठी भाषा विवाद को मुद्दा बनाया था, तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी और शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना ने विकास को मुद्दा बनाया था। शिंदे ने बीएमसी में प्रशासक के बैठने के बाद हुए काम के आधार पर वोट मांगे थे। बीएमसी के 2017 के चुनावों में भी बीजेपी और शिवसेना अलग-अलग लड़े थे। इसके बाद दोनों दल साथ आए थे। पोल एक्सपर्ट प्रदीप गुप्ता के अनुसार, महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में से 20 से ज्यादा मेयर बीजेपी गठबंधन यानी महायुति के होंगे। उनके अनुसार इस चुनाव में भी महायुति को लाडकी बहीण योजना का फायदा मिला।