बडा खुलासाः वो तो गलत बम बना बैठे आतंकी, नहीं तो पूरी दिल्ली को हो जाता खतरा

Big revelation: The terrorists made the wrong bomb, otherwise the entire Delhi would have been in danger.
Big revelation: The terrorists made the wrong bomb, otherwise the entire Delhi would have been in danger.

Delhi Blast: दिल्ली में सोमवार के दिन लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धामके में करीब 9 लोगों की मौत हो गई थी. वहीं 20 से अधिक लोगों घायल हो गए थे. इस घटना के तार फरीदाबाद में धमाके से पहले बरामद हुए हजारों किलों सामग्री से जुड़े रहे है. वहीं इस मामले में एक बड़ी खइस बर निकलकर सामने आ रही है कि विस्फोट पूरी तरह से विकसित नहीं था, जिसके चलते उसका प्रभाव सीमित रहा. वहीं इसकी अभी फॉरेंसिक जांच चल रही है कि घटनास्थल पर किस विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था.

एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक संभावनाएं है कि संदिग्ध फरीदाबाद में हुई रेड से डर गया था, जिस कारण हड़बड़ी के चलते वह जगह बदलने लगा. इससे अनहोनी होने की आशंका बढ़ गई. ऐसा लगाता है कि आवागमन के दौरान यह घटना संदिग्ध आत्मघाती हमले से अनजाने में हुए विस्फोट में बदल गई थी. एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक पुलिस आत्मघाती हमला समेत कई पहलुओं पर जांच कर रही है.

दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार धमाके की जांच में अब यह स्पष्ट होता जा रहा है कि इस्तेमाल किया गया IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) पूरी तरह विकसित नहीं था. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, बम को गलत तरीके से तैयार किया गया था, जिसके चलते उसका असर सीमित रहा. अधिकारी ने बताया कि विस्फोट समय से पहले हुआ, इसलिए बम अपनी पूर्ण क्षमता तक सक्रिय नहीं हो पाया. इस वजह से धमाके के बाद न तो कोई बड़ा गड्ढा बना और न ही मौके से छर्रे बरामद हुए.

जांच के दौरान पुलिस की नजर जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी डॉक्टर उमर नबी पर गई है. बताया जा रहा है कि धमाका जिस i20 कार में हुआ, वही कार उमर चला रहा था. प्रारंभिक जांच में उसके हरियाणा के फरीदाबाद में पकड़े गए टेरर मॉड्यूल से संबंधों के संकेत मिले हैं. सूत्रों के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर और पुलवामा में सुरक्षा एजेंसियों की लगातार छापेमारी से घबराकर यह विस्फोटक कार्रवाई की गई थी. पहले यह अनुमान था कि धमाके के वक्त कार में तीन लोग मौजूद थे, लेकिन अब जांच में स्पष्ट हुआ है कि उमर अकेला ही कार में था.

जांच से जुड़े नए खुलासे
जांच एजेंसियों का कहना है कि उमर धमाके से पहले करीब तीन घंटे तक कार में रुका रहा और इस दौरान उसने इंटरनेट के जरिए फरीदाबाद में अपने सहयोगियों की गिरफ्तारी की जानकारी जुटाई थी. सुरक्षा एजेंसियों ने उसके वाहन की 11 घंटे की मूवमेंट ट्रैकिंग कर ली है, जिससे उसके रास्तों और संपर्कों की पुष्टि की जा रही है. फॉरेंसिक जांच में यह भी संभावना जताई गई है कि उमर की कार में अमोनियम नाइट्रेट आधारित विस्फोटक मौजूद था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि फाइनल रिपोर्ट के बाद ही होगी.