रेवाड़ी। हरियाणा के रेवाड़ी में एक ही फंदे पर लटककर आत्महत्या करने वाले सागर जिले के बरपानी निवासी पति-पत्नी का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। उनका अंतिम संस्कार रेवाड़ी में ही हुआ।
इससे पहले इन्होंने एक सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें इन्होंने लिखा- हमारे शव मां-बाप को सौंप देना और एक ही चिता पर अंतिम संस्कार करना। परिवार का कहना है कि दोनों ने 5 साल पहले लव मैरिज की थी। दोनों बच्चा न होने की वजह से परेशान थे। इसी वजह से दोनों ने सुसाइड का कदम उठाया। दोनों कंपनी में काम करते थे मृतकों की पहचान मध्य प्रदेश के सागर जिले के बरपानी गांव के राजकुमार (26) और उसकी पत्नी हाली (22) के रूप में हुई है।
राजकुमार के भाई महेंद्र ने बताया कि राजकुमार और हाली ने साल 2020 में लव मैरिज की थी। शादी के बाद ही वे रोजगार की तलाश में रेवाड़ी के धारूहेड़ा आए थे। राजकुमार गुरुग्राम के बिनौला में एक कंपनी में काम करता था। रात को दोनों पार्टी से लौटे थे महेंद्र ने आगे बताया कि रात 11 बजे दोनों किसी की मैरिज एनिवर्सरी पार्टी में गए थे। 1 बजे ये लौट आए। शनिवार सुबह करीब 8 बजे राजकुमार ने उसके साथ नाश्ता किया था। इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया। महेंद्र ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे जब उसके बड़े भाई राजकुमार को बुलाने गया, तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी देर तक आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला। शक होने पर उन्होंने खिड़की से झांका तो राजकुमार और हाली एक ही फंदे पर लटके हुए थे।
इंस्टाग्राम पर स्टोरी लगाई राजकुमार के भाई महेंद्र ने यह भी बताया कि जब उन्होंने राजकुमार की इंस्टाग्राम आईडी चेक की तो पता चला कि उसने पार्टी से आने के बाद इंस्टाग्राम पर एक स्टोरी लगाई थी। जिसमें उसने लिखा था कि भाइयों सभी को आखिरी गुड नाइट। सुसाइड नोट में लिखा था- एक चिता पर अंतिम संस्कार करना धारूहेड़ा थाने के SHO कश्मीर ने बताया कि मरने से पहले एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है। इसमें लिखा है, ‘वे मर्जी से यह कदम उठा रहे हैं’।
साथ ही यह भी लिखा कि हम दोनों को एक ही कफन में साथ लिटा देना और एक चिता पर अंतिम संस्कार करना। हालांकि वह बच्चा न होने से परेशान थे या सुसाइड की किसी और वजह के बारे में दंपती ने कुछ नहीं लिखा था। हालांकि परिवार के सामने आने के बाद इसका खुलासा हुआ। परिवार में माता-पिता और एक भाई है सागर से मिली जानकारी के मुताबिक, राजकुमार अहिरवार (पिता गणेश) बरपानी का रहने वाला था। उसने उमरा गांव में रहने वाली हाली से प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद से वह गांव लौटकर नहीं आया। रेवाड़ी में ही रहकर मजदूरी करता था। उसका भाई भूपेंद्र अहिरवार भी बाहर रहकर मजदूरी करता है। माता-पिता दीपावली का त्योहार मनाने के बाद गांव से बाहर मजदूरी करने गए हैं। गांव में सिर्फ उसके बुजुर्ग दादा रहते हैं।
सागर के दंपती ने हरियाणा के रेवाड़ी में सुसाइड कर लिया। एक मकान के अंदर दोनों के शव एक ही फांसी के फंदे पर लटके मिले। दोनों ने 5 साल पहले ही लव मैरिज की थी। घटना का पता उस वक्त लगा, जब युवक का भाई उनके कमरे में पहुंचा। दरवाजा अंदर से बंद था। खटखटाने पर भी कोई जवाब नहीं मिला तो दरवाजा तोड़ा गया।