बडी खबरः देश में लिमिट में मिलेगा पेट्रोल-डीजल और LPG? सरकार ने दिया ये जवाब

Breaking News: Will Petrol, Diesel, and LPG be available in limited quantities across the country? Here is the government's response.
Breaking News: Will Petrol, Diesel, and LPG be available in limited quantities across the country? Here is the government's response.

नई दिल्ली। वेस्ट एशिया में जारी तनाव और बढ़ती पेनिक बुकिंग के बीच केंद्र सरकार ने साफ किया है कि भारत में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है। सरकार के मुताबिक देश के पास पर्याप्त कच्चे तेल और गैस का स्टॉक मौजूद है और फिलहाल, फ्यूल राशनिंग लागू करने की कोई योजना नहीं है।

भारत में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस को लेकर लोगों के बीच चिंता बढ़ती जा रही थी। पश्चिम एशिया यानी वेस्ट एशिया में जारी तनाव और ईरान-इजरायल संघर्ष के कारण कई लोगों को डर था कि कहीं भारत में भी फ्यूल राशनिंग लागू न हो जाए। सोशल मीडिया पर तरह-तरह की खबरें वायरल होने लगीं कि पेट्रोल पंपों पर लिमिट लग सकती है, गैस सिलेंडर कम मिल सकते हैं और ईंधन की किल्लत हो सकती है। लेकिन, अब केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है और फिलहाल राशनिंग लागू करने की कोई योजना नहीं है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) के अधिकारियों ने कहा कि भारत के पास कच्चे तेल, LNG और LPG का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। देशभर में कहीं भी फ्यूल ड्राई आउट यानी पूरी तरह खत्म होने जैसी स्थिति नहीं बनी है। सरकार ने यह भी बताया कि वेस्ट एशिया में तनाव के बावजूद भारत लगातार अतिरिक्त आयात कर रहा है, ताकि सप्लाई चेन प्रभावित न हो।

सरकार के मुताबिक पिछले तीन दिनों में 1.40 करोड़ से ज्यादा LPG बुकिंग हुई हैं। इसके अलावा करीब 1.90 लाख छोटे 5 किलो वाले सिलेंडर भी बेचे गए। अधिकारियों का कहना है कि यह सामान्य मांग से ज्यादा है और इसे पेनिक बुकिंग माना जा रहा है, यानी लोग डर के कारण जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक कर रहे हैं।

दिलचस्प बात यह है कि PNG यानी पाइप गैस कनेक्शन की मांग भी तेजी से बढ़ी है। मार्च से अब तक करीब 7.5 लाख नए PNG कनेक्शन लिए गए हैं और 7 लाख से ज्यादा पुराने कनेक्शन सक्रिय किए गए हैं। इससे साफ है कि लोग भविष्य की अनिश्चितता को देखते हुए वैकल्पिक गैस विकल्पों की ओर भी बढ़ रहे हैं।

सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि फिलहाल फ्यूल राशनिंग को लेकर कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। हालांकि, मंत्रालय ने यह जरूर कहा कि कुछ जगहों पर डीजल की भारी डिमांड अचानक रिटेल पेट्रोल पंपों की तरफ शिफ्ट हो रही है, जिस पर नजर रखी जा रही है।

इस बीच शिपिंग मंत्रालय ने भी राहत देने वाली जानकारी साझा की है। मंत्रालय के अनुसार दो LPG कैरियर जहाज सुरक्षित रूप से स्ट्रेट ऑफ हार्मुज (Strait of Hormuz) पार कर चुके हैं और वे 16 मई और 18 मई तक भारत पहुंच जाएंगे। यह वही समुद्री रास्ता है, जिसे दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में गिना जाता है। इसके अलावा 13 भारतीय जहाज अभी भी उस क्षेत्र में मौजूद हैं, जिनमें 12 LPG कैरियर और एक क्रूड ऑयल कैरियर शामिल है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर वेस्ट एशिया में तनाव लंबा खिंचता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। इसका असर भारत में पेट्रोल, डीजल और गैस की कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, फिलहाल सरकार स्थिति को नियंत्रण में बता रही है और लगातार स्टॉक बढ़ाने पर काम कर रही है।

सरकार ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत से ज्यादा फ्यूल या गैस की खरीदारी न करें। अधिकारियों का कहना है कि देश में सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। फिलहाल, भारत के पास इतना स्टॉक मौजूद है कि आने वाले कई महीनों तक जरूरत पूरी की जा सके।