गैस चैंबर बनती जा रही दिल्ली, दिवाली पर 28 मॉनीटरिंग स्टेशन थे बंद; SC ने मांगी रिपोर्ट

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली में बिगड़ती हवा की क्वालिटी पर कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) से स्टेटस रिपोर्ट मांगी। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने यह आदेश तब दिया जब उन्हें बताया गया कि दिल्ली में दिवाली के दौरान ज्यादातर एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन बंद रहे। LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें। दिल्ली एयर पॉल्यूशन मामले में एमिकस क्यूरी सीनियर एडवोकेट अपराजिता सिंह ने CAQM से रिपोर्ट मांगी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंह ने कहा- मौजूदा एयर पॉल्यूशन की स्थिति पर CAQM से एक रिपोर्ट चाहिए। दिल्ली में 37 में से सिर्फ 9 मॉनिटरिंग सिस्टम दिवाली के दौरान काम कर रहे थे। इसके बाद कोर्ट ने CAQM से स्टेटस रिपोर्ट मांगी। आपको बताते चलें कि दिल्ली गैस चैंबर में तब्दील होने की कगार पर है। हाल ही में दिवाली की धूम धड़ाका के एक दिन बाद, राजधानी में हवा की क्वालिटी बहुत खराब हो गई थी। इसके बाद दिल्ली सरकार ने पलूशन को काबू में करने के लिए कई तरह की कोशिशें कीं। ये भी पढ़ें:दिल्ली नगर निगम के 12 वार्डों में होंगे उपचुनाव, किस दिन होंगे मतदान?

मीडिया रिपोर्ट्स और विपक्षी दल आप के नेता सौरभ भारद्वाज के मुताबिक, दिल्ली सरकार ने एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशनों के आसपास पानी छिड़कने के लिए टैंकर लगाए थे, ताकि एक्यूआई डाटा में छेड़छाड़ किए जा सकें। इस तरह दिल्ली सरकार पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) रीडिंग में हेरफेर करने के आरोप सामने आए थे।

सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि दिवाली से पहले खुद सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी और उसके आस-पास के इलाकों में ग्रीन पटाखे चलाने की इजाजत दी थी। इसके बाद पलूशन का लेवल चरम स्तर पर पहुंच गया था। आप नेताओं ने आरोप लगाए थे कि दिवाली के दौरान दिल्ली में पलूशन को नापने वाले यंत्रों को बंद कर दिया गया था। उनका आरोप है कि उस समय दिल्ली का पलूशन लेवल कुछ जगह 900 को भी पार कर गया था।