भारत और अमेरिका के संबंधों में सुधार की संभावना नजर आ रही है, खासकर पीएम मोदी के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के ट्वीट के बाद। इस मामले पर पूर्व भारतीय राजनयिक केपी फैबियन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति को अब यह समझ में आने लगा है कि भारत के साथ उनकी आक्रामक व्यापार नीति, विशेष रूप से नई दिल्ली द्वारा रूसी तेल की खरीद के कारण 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ की धमकी, अपेक्षित परिणाम नहीं दे रही है।
ट्रंप के भारत के प्रति हाल के बदले रवैये पर फैबियन ने कहा कि अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ का कोई ठोस आधार नहीं है और ट्रंप ने भारत के दृढ़ संकल्प को कम आंका था। पूर्व राजनयिक ने कहा कि पीएम मोदी ने ट्रंप के सौहार्दपूर्ण ट्वीट का उचित जवाब दिया, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि ट्रंप जल्द ही टैरिफ में बदलाव करेंगे। उन्होंने कहा कि यह भी स्पष्ट है कि ट्रंप को अब यह समझ में आ रहा है कि जब उन्होंने 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ की धमकी दी थी, तब उनकी उम्मीद थी कि भारत झुक जाएगा, लेकिन वे गलत साबित हुए।
फैबियन ने जोर देकर कहा कि भारत मैत्रीपूर्ण संबंधों और पारस्परिक व्यापार के लिए तैयार है, लेकिन उससे एकतरफा फैसले या दबाव वाले उपाय स्वीकार नहीं किए जा सकते। उन्होंने कहा कि उन्हें यह समझना होगा कि भारत, भारत है। भारत किसी अन्य देश का अनुयायी नहीं बन सकता। भारत सभी के साथ दोस्ती और व्यापार करना चाहता है, लेकिन उस पर कोई हुक्म नहीं चला सकता।
बता दें कि शुक्रवार को राष्ट्रपति ट्रंप ने वाइट हाउस में घोषणा करते हुए भारत-अमेरिका संबंधों को ‘बहुत ही विशेष संबंध’ बताया और पुष्टि की कि वह और पीएम मोदी हमेशा दोस्त रहेंगे। उन्होंने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि, उन्होंने इस बात पर नाराजगी जताई कि पीएम मोदी इस समय क्या कर रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह भारत के साथ संबंधों को फिर से स्थापित करने के लिए तैयार हैं, तो ट्रंप ने कहा कि मैं हमेशा ऐसा करूंगा। मैं हमेशा (पीएम) मोदी के साथ दोस्त रहूंगा। वह एक महान प्रधानमंत्री हैं। मैं हमेशा दोस्त रहूंगा, लेकिन मुझे वह पसंद नहीं है जो वह इस वक्त कर रहे हैं। फिर भी, भारत और अमेरिका के बीच एक बहुत ही विशेष संबंध है। चिंता की कोई बात नहीं है।
ट्रंप की टिप्पणी के बाद शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारत-अमेरिका संबंधों की पुष्टि पर गर्मजोशी से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह ट्रंप की भावनाओं और द्विपक्षीय संबंधों के सकारात्मक मूल्यांकन की गहरी सराहना करते हैं और इसका पूर्ण समर्थन करते हैं। पीएम मोदी ने भारत-अमेरिका संबंधों को एक ‘व्यापक और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ की ओर बढ़ता हुआ बताया। प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में कहा कि मैं राष्ट्रपति ट्रंप की भावनाओं और हमारे संबंधों के सकारात्मक मूल्यांकन की तहे दिल से सराहना करता हूं और इसका पूर्ण समर्थन करता हूं। भारत और अमेरिका के बीच एक बहुत ही सकारात्मक और दूरदर्शी व्यापक और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी है।