सोना होगा क्रैश… वजह है अमेरिका, एक्‍सपर्ट्स की बड़ी चेतावनी!

Gold prices set to crash... The US is the reason; a major warning from experts!

नई दिल्‍ली. जंग शुरू होने के साथ ही सोने और चांदी के भाव में बड़ी गिरावट आई है और काफी समय से सोना और चांदी एक दायरे में कारोबार कर रहा है. सोना अभी अपने रिकॉर्ड हाइ से 25 फीसदी नीचे है और अब खबर आई है कि सोने के भाव में भारी गिरावट आ सकती है.

सोना इस साल जनवरी में 5595 डॉलर प्रति औंस की रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था. उसके बाद इसमें गिरावट देखी गई है. रिकॉर्ड हाई से यह करीब 25 फीसदी गिरा हुआ है. इस गिरावट के कारण उन लोगों को ज्‍यादा नुकसान हुआ है, जिन्‍होंने इसे रिकॉर्ड हाई पर खरीदा था और उन्‍हें अब इसमें एक तेजी की उम्‍मीद है, लेकिन इसमें अभी गिरावट का अनुमान आया है.

हफ्तेभर में कितना बदला सोने-चांदी का भाव?
हफ्तेभर के आकड़ें को देखें तो सोने और चांदी के भाव में हल्‍की तेजी देखी गई है. अंतरराष्‍ट्रीय मार्केट में सोना हल्‍की मजबूती के साथ 4222 डॉलर प्रति औंस था. इधर, भारत में कमोडिटी एक्‍सचेंज MCX में यह 1.17 फीसदी चढ़कर 1,50,675 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्‍लोज हुआ.

क्‍यों गिर सकता है सोने का भाव?
मनीकंट्रोल के अनुसार, स्टेट स्ट्रीट इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट के कमोडिटी एनालिस्ट आकाश दोशी ने कहा कि फिलहाल सोने के लिए दो चुनौतियां सामने आती दिख रही हैं. पहला अमेरिकी फेडरल रिजर्व बैंक की ओर से ब्‍याज दरों में बढ़ोतरी की उम्‍मीद है. इसके अलावा, डॉलर में तेजी भी सोने के लिए अच्‍छी खबर नहीं है. इन दोनों वजहों से गोल्‍ड पर आगे दबाव दिखाई दे सकता है.

उन्‍होंने कहा कि सोने और चांदी के भाव में तेजी तभी आ सकती है, जब मिडिल ईस्‍ट में तनाव खत्‍म हो जाएगा और कच्‍चे तेल की कीमतें गिरकर 80 डॉलर प्रति बैरल पर आ जाएंगी. हालांकि, अभी तेल की कीमतें 90 डॉलर के आसपास बनी हुई हैं.

यहां तक आ सकता है भाव
यूबीएस ने अनुमान लगाया है कि सोने में कमजोरी जारी रहने से सोने की कीमतें शॉर्ट टर्म में तेजी से गिर सकती है. शॉर्ट टर्म में गोल्ड गिरकर 3,850-4000 डॉलर प्रति औंस तक जा सकता है. क्‍योंकि अमेरिकी फेडरल बैंक द्वारा ब्‍याज दरों को बढ़ाया जा सकता है.

ब्‍याज बढ़ने से गोल्‍ड की चमक कम हो सकती है. गौरतलब है कि मिडिल ईस्‍ट में तनाव के कारण कच्‍चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ी हैं. इससे अमेरिका, भारत समेत पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ा है.