खुशखबरी! 4 रुपये घटे पेट्रोल के दाम, डीजल में भी हो गई बड़ी कटौती-जानें पूरी खबर

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच टेंशन की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव भले ही हो लेकिन पाकिस्तान की सरकार पेट्रोल और डीजल के दाम में लगातार कटौती कर रही है। इसी कड़ी में एक बार फिर से सरकार ने शुक्रवार को पेट्रोल की कीमत में 4 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2 रुपये प्रति लीटर की तत्काल प्रभाव से कटौती की है। आपको बता दें कि पेट्रोल की कीमतों में लगातार पांचवें हफ्ते कटौती हुई है। इससे कुल मिलाकर प्रति लीटर ₹41 की कमी आई है।

क्या है रेट लिस्ट?
इस कटौती के बाद पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 377.78 रुपये से घटकर 373.78 रुपये प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत 380.78 रुपये से घटकर 378.78 रुपये प्रति लीटर हो गई है। पेट्रोलियम डिवीजन की ओर से कीमतों में कटौती की घोषणा करने वाले नोटिफिकेशन के मुताबिक नई कीमतें 13 जून (शनिवार) से लागू होंगी।

सरकार अभी हाई-स्पीड डीजल पर कस्टम ड्यूटी, पेट्रोलियम लेवी और क्लाइमेट सपोर्ट लेवी के रूप में प्रति लीटर लगभग ₹100 वसूल रही है। वहीं, पेट्रोल पर कुल टैक्स प्रति लीटर ₹125 है, जिसमें पेट्रोलियम लेवी, कस्टम ड्यूटी और क्लाइमेट लेवी शामिल हैं। सरकार केरोसिन पर पेट्रोलियम लेवी के तौर पर प्रति लीटर लगभग ₹21 और लाइट डीजल ऑयल पर प्रति लीटर लगभग ₹16 भी वसूल रही है।

सरकार को कितनी होती है कमाई
पाकिस्तान की सरकार को पेट्रोल और HSD से सबसे ज्यादा कमाई होती है। इनकी मासिक बिक्री लगभग 7,00,000 से 8,00,000 टन होती है जबकि केरोसिन की मासिक मांग सिर्फ 10,000 टन है। बता दें कि पेट्रोल का इस्तेमाल ज्यादातर निजी ट्रांसपोर्ट, छोटी गाड़ियों, रिक्शा और दो-पहिया वाहनों में होता है और इसका सीधा असर मध्यम और निम्न-मध्यम वर्ग के बजट पर पड़ता है। HSD का इस्तेमाल मुख्य रूप से भारी ट्रांसपोर्ट सेक्टर और बड़े जेनरेटरों में होता है।

भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम
एक महीने के भीतर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है और अगर कच्चे तेल के दाम ऊंचे स्तर पर बने रहते हैं तो यह बढ़ोतरी निकट भविष्य में 10 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच सकती है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने यह अनुमान जताया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ईंधन कीमतों में वृद्धि का सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा। ईंधन कीमतों में 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी से खुदरा मुद्रास्फीति करीब 0.36 प्रतिशत बढ़ सकती है। अगर ईंधन कीमतें 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ जाती हैं तो खुदरा महंगाई में करीब 0.48 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।