भारत भी आसिम मुनीर और उनकी बेगम को उठा ले, ओर…

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने कमांडोज भेजकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके घर से उठवा ल‍िया, इससे पूरी दुन‍िया सन्‍न है. इसी बीच जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद्य ने कह बैठ क‍ि अमेर‍िका ने एक नई लकीर खींच दी है. भारत को भी अब संकोच छोड़ना चाहिए और पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर और उनकी बेगम को उठा लेना चाह‍िए.

एसपी वैद ने एक्स पर मादुरो की गिरफ्तारी को एक मिसाल बताते हुए लिखा कि अब भारत के पास भी ऐसा करने का रास्ता खुल गया है. उन्होंने सीधे तौर पर OperationSindoor2 की वकालत की है. एसपी वैद ने अपनी पोस्‍ट में लिखा, ‘ट्रंप ने भारत के लिए आसिम मुनीर और उनकी पत्नी को निकालने के लिए OperationSindoor2 लॉन्च करने की एक नजीर पेश कर दी है. यह कदम पाकिस्तान के लोगों को उनसे (मुनीर) और उनके उन क्रूर अत्याचारों से बचाएगा, जो बलूचिस्तान, पीओके और खैबर पख्तूनख्वा में देखे जा रहे हैं.’ सोशल मीडिया में उनकी इस पोस्‍ट को जमकर वायरल क‍िया जा रहा है. लोग कह रहे, अच्‍छा मौका है…

ऑपरेशन सिंदूर 2 की मांग क्यों?
पूर्व डीजीपी का यह बयान पाकिस्तान के उन तीन दुखती रगों पर हाथ रखता है, जहां पाकिस्तानी सेना अपने ही नागरिकों पर कहर बरपा रही है.
बलूचिस्तान में आजादी की मांग करने वाले छात्रों और कार्यकर्ताओं को पाकिस्तानी सेना द्वारा गायब किया जा रहा है. वैद का तर्क है कि मुनीर को हटाना बलूच लोगों के लिए राहत की बात होगी.
पीओके में महंगाई और बिजली-पानी के संकट को लेकर हो रहे प्रदर्शनों को आसिम मुनीर की सेना गोलियों से दबा रही है.
खैबर पख्तूनख्वा में पश्तूनों के खिलाफ सेना के अभियान ने गृहयुद्ध जैसे हालात पैदा कर दिए हैं. रोज पक‍िस्‍तानी सेना के जवान मारे जा रहे हैं.
एसपी वैद का मानना है कि जनरल मुनीर न केवल भारत में आतंकवाद के प्रायोजक हैं, बल्कि वे मानवता के अपराधी भी हैं. इसलिए, मादुरो की तरह उन्हें भी सत्ता से बेदखल कर भारत लाना एक जायज कदम होगा.

मादुरो की गिरफ्तारी को नजीर क्यों बताया?
डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला में जो किया, वह पारंपरिक युद्ध नहीं था. उन्होंने अपनी स्पेशल फोर्सेज भेजीं, राष्ट्रपति भवन या उनके ठिकाने में घुसकर राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को गिरफ्तार किया और अमेरिका ले आए. एसपी वैद इसी मॉडल की बात कर रहे हैं. उनका तर्क है कि अगर अमेरिका बिना युद्ध की घोषणा किए किसी देश के प्रमुख को गिरफ्तार कर सकता है, तो भारत क्यों नहीं? पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के सबूत जगजाहिर हैं. संप्रभुता का बहाना अब नहीं चलेगा, क्योंकि अमेरिका ने दिखा दिया है कि अपराधियों के लिए कोई सीमा नहीं होती.

पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी?
ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र आते ही पाकिस्तान के सुरक्षा तंत्र में हड़कंप मचना स्वाभाविक है. मई 2025 में हुई कार्रवाई ने पहले ही पाकिस्तान को बैकफुट पर धकेल दिया था. अब उसके पार्ट-2 की मांग, और वह भी सीधे सेना प्रमुख को निशाना बनाने की, इस्लामाबाद के लिए बुरे सपने जैसा है. हालांकि, सामरिक विशेषज्ञ मानते हैं कि वेनेजुएला और पाकिस्तान में फर्क है. पाकिस्तान एक परमाणु संपन्न देश है, इसलिए वहां घुसकर सेना प्रमुख को उठाना आसान नहीं होगा और यह परमाणु युद्ध को न्योता दे सकता है. लेकिन एसपी वैद जैसे वरिष्ठ अधिकारी का यह बयान भारत की बदलती मानसिकता का प्रतीक है.

ट्रंप ने मादुरो को हटाकर जो दरवाजा खोला है, एसपी वैद चाहते हैं कि भारत उस दरवाजे से पाकिस्तान में दाखिल हो. अब देखना यह है कि क्या भविष्य में भारत वाकई इजरायल या अमेरिका वाली यह आक्रामक रणनीति अपनाएगा? लेकिन इतना तय है कि रावलपिंडी के जनरल हेडक्वार्टर में आसिम मुनीर की नींद इस बयान के बाद जरूर उड़ गई होगी.