पाकिस्तान नहीं पहुंचा ईरानी डेलिगेशनः लेबनान पर खौफनाक से बिगडा मामला

वॉशिंगटन। इजराइली हमलों के बाद अब तक लेबनान में हजारों घर तबाह हो गए हैं। 8 लाख से ज्यादा लोग बेघर हुए हैं। अमेरिका के साथ होने वाली सीजफायर बातचीत के लिए ईरानी डेलिगेशन अब तक पाकिस्तान नहीं पहुंचा है। शनिवार को इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच अहम बैठक प्रस्तावित है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान लेबनान में जारी इजराइली हमलों से नाराज है और इसी वजह से उसने बातचीत को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अभी तक उसकी ओर से बैठक में शामिल होने को लेकर साफ संकेत नहीं मिले हैं।

इससे पहले खबर आई थी कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच चुका है, लेकिन ईरानी मीडिया ने इन दावों को खारिज कर दिया। गौरतलब है कि 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बनी थी।

उसी के तहत इस्लामाबाद में यह बातचीत तय हुई है। अब यह देखना अहम होगा कि क्या तय समय पर यह बैठक हो पाती है या फिर हालात के चलते इसमें बदलाव होता है।

अमेरिका-ईरान के बीच इन मुद्दों पर बातचीत होनी है

ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम- अमेरिका का कहना है कि ईरान में कोई संवर्धन नहीं होगा। ईरान को अपना सारा हाई-लीवल इनरिच्ड यूरेनियम बाहर करना होगा और न्यूक्लियर फैसिलिटीज बंद या सीमित करनी होंगी।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज- दुनिया का बहुत सारा तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। ईरान अभी भी इसका नियंत्रण रखना चाहता है और टोल (फीस) लेने की बात कर रहा है। वहीं, अमेरिका चाहता है कि रास्ता पूरी तरह खुला और सुरक्षित हो, बिना किसी रुकावट या फीस के।
बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम- अमेरिका ईरान की लंबी दूरी की मिसाइलों पर रोक लगाना चाहता है।
सैंक्शंस हटाना- ईरान चाहता है कि सभी अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध तुरंत हटा दिए जाएं, फ्रोजन एसेट्स वापस मिलें और मुआवजा भी मिले।
इजराइली हमले से जुड़ी 3 तस्वीरें…

इजराइली सेना का दावा- 250 से ज्यादा हिजबुल्लाह लड़ाके ढेर
इजराइली सेना ने दावा किया कि उसने हिजबुल्लाह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में 200 से ज्यादा रॉकेट लॉन्चर नष्ट किए। इन लॉन्चरों में करीब 1,300 लॉन्च ट्यूब शामिल थे, जिनका इस्तेमाल हमलों के लिए किया जाता था।

IDF के मुताबिक, इस कार्रवाई में 250 से ज्यादा हिजबुल्लाह के लड़ाके मारे गए। इनमें 15 कमांडर शामिल थे, जो अलग-अलग क्षेत्रों में आर्टिलरी यूनिट संभाल रहे थे। इजराइल ने यह भी दावा किया कि हिजबुल्लाह की नासर यूनिट के आर्टिलरी प्रमुख अली कामेल अबर अल-हसन को भी मार गिराया गया। सेना ने कहा कि वह हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमता खत्म करने के लिए कार्रवाई जारी रखेगी और खास तौर पर उत्तरी इजराइल के नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

भारत ने लेबनान में आम लोगों की मौतों पर चिंता जताई
लेबनान में जारी इजराइली हमलों के बीच भारत ने बढ़ती आम लोगों की मौतों पर चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बड़ी संख्या में नागरिकों के मारे जाने की खबरें बेहद परेशान करने वाली हैं।

जायसवाल ने कहा कि भारत, जो संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन UNIFIL में अपने सैनिक भेजता है और लेबनान की शांति व सुरक्षा में भागीदार है, मौजूदा हालात को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना और सभी देशों की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करना बेहद जरूरी है।

इजराइल का दावा- एक हफ्ते में 40 से ज्यादा हिजबुल्लाह लड़ाके मारे
इजराइली सेना ने दावा किया कि पिछले एक हफ्ते में दक्षिणी लेबनान में 40 से ज्यादा हिजबुल्लाह लड़ाकों को मार गिराया गया। साथ ही 50 से ज्यादा ठिकानों को भी नष्ट किया गया।

इजराइली डिफेंस फोर्स (IDF) के मुताबिक, यह कार्रवाई दक्षिणी लेबनान में चल रहे ऑपरेशन के दौरान की गई। सेना ने कहा कि 91वीं डिवीजन के जवानों ने इलाके में सक्रिय एक समूह की पहचान की थी।

UAE अपने अंतरराष्ट्रीय रिश्तों की समीक्षा करेगा
ईरान के हालिया हमलों के बाद संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अब अपने अंतरराष्ट्रीय रिश्तों की समीक्षा करेगा। साथ ही यह तय करेगा कि किन देशों पर आगे भरोसा किया जा सकता है।

UAE के राष्ट्रपति के कूटनीतिक सलाहकार अनवर गर्गश ने कहा कि देश अपने क्षेत्रीय और वैश्विक रिश्तों को नए सिरे से परखेगा। इसमें खास तौर पर यह देखा जाएगा कि मुश्किल समय में कौन सा देश भरोसे के लायक है।

गर्गश के मुताबिक, UAE अपने आर्थिक और वित्तीय ढांचे में भी बदलाव की दिशा में काम करेगा, ताकि देश की मजबूती और स्थिरता बढ़ा

ई जा सके। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्राथमिकताओं की समझदारी से समीक्षा ही भविष्य का रास्ता तय करेगी।

इजराइली सेना ने लेबनान में एंबुलेंस को निशाना बनाने की धमकी दी
इजराइली सेना के प्रवक्ता अविचाय अद्रई ने आरोप लगाया है कि हिजबुल्लाह एंबुलेंस का इस्तेमाल कर रहा है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि इजराइल अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी भी सैन्य गतिविधि के खिलाफ कार्रवाई करेगा, जिसमें एंबुलेंस और मेडिकल सुविधाओं का इस्तेमाल भी शामिल है। हालांकि, इजराइली सेना ने अपने इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया है।

ईरान में US-इजराइल हमलों से 1.25 लाख से ज्यादा नागरिक ठिकाने तबाह
ईरान में अमेरिका और इजराइल के हमलों ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक, देशभर में 1.25 लाख से ज्यादा ऐसी जगहें प्रभावित हुई हैं, जो सीधे आम लोगों से जुड़ी हैं।

रेड क्रिसेंट प्रमुख पीरहुसैन कोलीवंद ने बताया कि कुल 1,25,630 नागरिक ठिकाने हमलों की चपेट में आए हैं। इनमें घर, दुकानें और अन्य जरूरी जगहें शामिल हैं, जिससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर बड़ा असर पड़ा है।

इनमें करीब 23,500 से ज्यादा व्यापारिक प्रतिष्ठान भी शामिल हैं। यानी हमलों का असर लोगों की कमाई और कारोबार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

चिंता की बात यह भी है कि 339 मेडिकल सुविधाएं जैसे अस्पताल, फार्मेसी, लैब और इमरजेंसी सेंटर को भी नुकसान पहुंचा है। इससे इलाज की व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ गया है।

फ्रांस और पाकिस्तान ने लेबनान में सीजफायर उल्लंघन पर चिंता जताई
पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार और फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो ने लेबनान में सीजफायर के उल्लंघन पर गंभीर चिंता जताई है।

दोनों नेताओं के बीच शुक्रवार सुबह फोन पर बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने लेबनान में बढ़ती हिंसा और हमलों पर चर्चा की।

सीजफायर की घोषणा के कुछ ही घंटों बाद इजराइल ने लेबनान पर बड़े स्तर पर बमबारी की, जिसमें 200 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। फ्रांस का भी मानना है कि सीजफायर में लेबनान को शामिल किया जाना चाहिए।

लेबनान के प्रधानमंत्री सलाम वॉशिंगटन दौरे पर जाएंगे
इजराइल की लेबनान से सीधे बातचीत की मांग के बीच प्रधानमंत्री नवाफ सलाम जल्द ही अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी का दौरा करेंगे। यह जानकारी CNN ने लेबनानी सरकार के एक सूत्र के हवाले से दी।

सीजफायर के बावजूद इजराइल ने लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले जारी रखे। बुधवार को हुए बड़े हमलों में कम से कम 300 लोगों की मौत हुई।

भारत-जापान ने होर्मुज संकट पर साथ मिलकर काम करने का भरोसा जताया
होर्मुज में जारी तनाव के बीच भारत और जापान ने हालात को शांत करने और ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए मिलकर काम करने का भरोसा दिया है।

जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें पश्चिम एशिया की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर चर्चा की गई।

जापान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों ने स्थिति को सामान्य करने और ऊर्जा सप्लाई को बनाए रखने के लिए करीबी सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई।

एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि इस बातचीत में होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की स्थिति पर भी चर्चा हुई।