देशभर में बडी-बडी नदियां उफान परः अफसरों व कर्मचारियों की छुट्टियां हुई रद-जानें ताजा हालात

Major rivers across the country are in spate: Leave of officers and employees cancelled - know the latest situation
Major rivers across the country are in spate: Leave of officers and employees cancelled - know the latest situation

चंडीगढ़। हरियाणा में लगातार बारिश से यमुना, घग्गर, मारकंडा और टांगरी सहित अधिकतर नदियां उफान पर हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को भी बारिश की चेतावनी दी है, जिसके चलते प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

प्रदेश सरकार ने पुलिस और प्रशासन के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद कर दी हैं, ताकि आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके।

माैसम विभाग ने 18 जिलों में आरेंज अलर्ट किया है, जिनमें यमुनानगर, अंबाला, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, फरीदाबाद, पलवल, गुरुग्राम, नूंह, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, झज्जर, रोहतक, सोनीपत, पानीपत, करनाल, जींद, भिवानी और चरखी दादरी शामिल हैं।

हिसार, फतेहाबाद, कैथल और सिरसा में येलो अलर्ट है। जगह-जगह जलभराव से प्रदेश में 40 हजार किसानों की ढाई लाख एकड़ से अधिक फसलें प्रभावित हो चुकी हैं। स्थिति को देखते हुए प्रदेश सरकार ने सभी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्यालय पर बने रहने और पांच सितंबर तक कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सोमवार को सभी सभी मंडल आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकों, उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों तथा एसडीएम को लिखित आदेशों में मौसम विभाग की चेतावनी का उल्लेख करते हुए विभिन्न स्थानों पर बाढ़ की आशंका जताई है।

ऐसे में मुख्य सचिव या गृह सचिव की स्वीकृति के बिना किसी भी अधिकारी को अवकाश की अनुमति न दी जाए।वहीं, जलभराव वाले क्षेत्रों में पंचायत सचिवों और पटवारियों को 24 घंटे सतर्क रहने को कहा गया है। उन्हें लगातार जिला मुख्यालय को अपनी रिपोर्ट भेजनी होगी।

साथ ही सभी निजी और सरकारी स्कूलों के मुखियाओं को भवन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छतों, कमरों की सफाई सहित बिजली फिटिंग की नियमित जांच का निर्देश देते हुए चेतावनी दी गई हैं कि अगर कोई हादसा हुआ तो उनकी जिम्मेदारी होगी। अगर कहीं स्कूलों में छुट्टी करनी पड़ती है तो भी टीचिंग व नान टीचिंग स्टाफ ड्यूटी पर रहेगा।

मुख्यमंत्री लगातार ले रहे अपडेट
मुख्यमंत्री नायब सैनी के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे ने कहा कि प्रदेश में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। किसी भी जिले में अभी तक बाढ़ की स्थिति पैदा नहीं हुई है। सभी जिलों में कंट्रोल रूम स्थापित करके लोगों की मदद की जा रही है।

सोमवार को बाढ़ संभावित जिलों अंबाला, पंचकूला, यमुनानगर, सिरसा, फतेहाबाद व हिसार के उपायुक्त, एसडीएम के साथ सिंचाई और स्थानीय निकाय विभाग के अधिकारी पूरा दिन फील्ड में रहे। मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारी लगातार जिलों में अधिकारियों के संपर्क में हैं और रिपोर्ट लेकर मुख्यमंत्री को अवगत करवा रहे हैं।

पंजाब के बाढ़ पीड़ितों की सहायता करेगा इनेलो
इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता पिछले कई दिन से पंजाब के बाढ़ आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में राशन, पानी और अन्य सामान पहुंचा रहे हैं। पार्टी पंजाब के किसानों, कामगारों, काश्तकारों समेत सभी पीड़ितों की हर तरह से मदद करेगी।

पंजाब में पशुओं के लिए ट्रक और ट्रैक्टर में चारा भरकर भेजेंगे। बाढ़ के बाद कई तरह की बीमारियां फैलती हैं। इसको ध्यान में रखते हुए पार्टी वालंटियर, डाक्टर और दवाइयों का भी प्रबंध किया जाएगा।