राजौरी। राजौरी में रात करीब एक बजे जोरदार बारिश शुरू हो गई, जिसके बाद वहां बाढ़ आ गई है। इस बाढ़ की वजह से अब तक आठ लोग अपनी जान गवा चुके हैं। रात भर हुई भारी बारिश और बाढ़ के कारण हर तरफ बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पूंछ जिले में अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) और भूस्खलन की घटनाओं में हुई जनहानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रभावित परिवारों तक हर संभव सहायता बिना किसी देरी के पहुंचाई जाए।
मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनी और जम्मू संभाग के विभिन्न हिस्सों में बिगड़ते हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह आज दोपहर दिल्ली से जम्मू रवाना होंगे और वहां पहुंचकर स्थिति की स्वयं निगरानी करेंगे।

अधिकारियों ने क्या बताया?
अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, राजौरी नदी का जलस्तर बढ़ने से इसका पानी बेला कॉलोनी में प्रवेश कर गया, जिससे पूरा इलाका जलमग्न हो गया। बेला बस स्टैंड पर खड़ी कई गाड़ियां पानी के इस अचानक और तेज बहाव में बह गईं।
रिपोर्ट्स के अनुसार, बेला कॉलोनी में कई घर और परिवार बाढ़ के पानी के बीच फंसे हुए हैं। बेला और उसके आस-पास के क्षेत्रों में मवेशियों के नुकसान की भी खबर है।
दरहाली नदी की बाढ़ ने राजौरी के बेला इलाके में भारी तबाही मचाई है, जिससे वहां के पार्क और बस स्टैंड को नुकसान पहुंचा है। इस बाढ़ से काफी नुकसान हुआ है।
थन्ना मंडी सब-डिविजन के चुरुंग, राजधानी और बेहरोट इलाके भी इस अचानक आई बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि बेहरोट में स्थित एक क्रशर यूनिट में काम करने वाले मजदूरों के फंसे होने की सूचना है।
राजौरी में बाढ़ की वजह से काफी नुकसान हुआ है। कई जगहों पर गाड़ियां डूब गई। जलभराव की वजह से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। मंजाकोट तहसील के कोटली कलाबन और गोलिनारी इलाकों में बादल फटने की घटना हुई।
इसके कारण आई अचानक बाढ़ से स्थानीय कब्रिस्तान पूरी तरह से बहकर पास की एक धारा में चला गया, जिससे कई कब्रें नष्ट हो गईं। इस घटना से स्थानीय निवासियों में गहरा दुख और चिंता का माहौल है।
इस बाढ़ में दर्जनों गाड़ियां बर्बाद हो गईं और कई इमारतें भी क्षतिग्रस्त हुईं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बीते कल ही एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें इस पूरे इलाके में भारी से बहुत भारी बारिश होने और अचानक बाढ़ आने की संभावना को लेकर पहले ही चेतावनी दे दी गई थी।
फिलहाल, प्रशासन द्वारा प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत टीमें भेज दी गई हैं। इसके साथ ही अधिकारियों ने निचले क्षेत्रों और जलाशयों के समीप रहने वाले लोगों से पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है।

मां वैष्णो देवी यात्रा लगातार स्थगित
खराब मौसम व रात्रि से जारी मूसलाधार बारिश से मां वैष्णो देवी यात्रा लगातार स्थगित हैं। वही रातभर हुई मूसलाधार बारिश से मां वैष्णो देवी के महत्वपूर्ण बैटरी कार मार्ग पर जगह जगह चट्टाने व कंकर पत्थर और मलबा आदि गिरने की खबरें हैं साथ ही भैरव घाटी मार्ग पर भी हल्का भूसखलन हुआ हैं।
बैटरी कार सेवा, हेलीकाप्टर सेवा के साथ ही घोड़ा पिट्ठू व पालकी आदि की सेवाएं बंद हैं। कटड़ा में सभी पंजीकरण केंद्र बंद रखें गए हैं. कटड़ा में करीब 15 हज़ार श्रद्धालु यात्रा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। फिलहाल रुक रुक कर बारिश हो रही हैं।
बीती रात हुई भारी बारिश के कारण जखियानी और चेनानी के बीच ‘अप-ट्यूब’ में कई जगहों पर मिट्टी खिसकने और पत्थर गिरने की घटनाएं हुई हैं, जिन्हें NHAI साफ कर रहा है। देवल के पास ठीक की गई ‘डाउन-ट्यूब’ भी क्षतिग्रस्त हो गई है, इसलिए ‘अप-ट्यूब’ का इस्तेमाल ही आने-जाने दोनों तरह के ट्रैफिक के लिए किया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि रविवार सुबह जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ आने से कम से कम चार लोगों (जिनमें तीन महिलाएं शामिल हैं) की मौत हो गई और कई लोग लापता हो गए।
उन्होंने बताया कि सभी मौतें सबसे ज्यादा प्रभावित सुरनकोट तहसील से हुई हैं। यहां अधिकारियों ने बचाव दल तैनात किए हैं और राहत कार्य तेज कर दिए हैं ताकि फंसे हुए लोगों तक पहुंचा जा सके। प्रभावित इलाकों को साफ किया जा सके और भारी बारिश से प्रभावित लोगों को तुरंत मदद दी जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि नूनाबंदी गांव में घर गिरने से 28 साल की नाजिया कौसर की मौत हो गई। उनके पति मोहम्मद हफीज और दो से छह साल की उम्र के तीन बच्चों को घायल हालत में बचाया गया और अस्पताल पहुंचाया गया।
लोअर मुराह में एक और घर पर भूस्खलन हुआ, जिससे घर के मालिक मोहम्मद लतीफ और परिवार के पांच अन्य सदस्य लापता हो गए। अधिकारियों ने बताया कि जब आखिरी जानकारी मिली, तब तक खोज और बचाव अभियान चल रहा था।
मरहोट में इरम नाम की एक नाबालिग लड़की की नाले में डूबने से मौत हो गई, जबकि धुंडक लथूंग पुल के पास एक नाले से एक अज्ञात महिला का शव निकाला गया। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक भारी बारिश भूस्खलन और अचानक बाढ़ के कारण कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और छह अन्य लापता हो गए हैं।