मम्मा ने पापा को मार दिया, लव मैरिज के बाद पति का कत्ल; मनीष हत्याकांड में खौफनाक खुलासा

कानपुर। यूपी के कानपुर में प्रेम विवाह करने वाली महिला ने मासूम बेटे के सामने पति की हत्या कर दी। पुरुष मित्र से बात करने का विरोध करने पर पति पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। व्यापारी घायल हालत में ही एक हाथ से कमर के खून को रोकते हुए थाने पहुंचा था। यह घटना पांच जून को हुई थी। 16 जून को हैलट में व्यापारी की मौत हो गई।

यूपी के कानपुर में नौ साल पहले प्रेम विवाह करने वाली निहारिका ने अपने मासूम बेटे के सामने व्यापारी पति मनीष गुप्ता (42) को चाकू से गोद दिया। फीलखाना में हुई यह वारदात पांच जून की है। मनीष घायल हालत में बेटे को लेकर 500 मीटर दूर फीलखाना थाने पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था। मंगलवार को हैलट में उनकी मौत हो गई। परिजन के अनुसार, निहारिका किसी पुरुष मित्र से बात करती थी जिसका मनीष विरोध करता था। इसी खुन्नस में वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज की है।

बालाजी धाम अपार्टमेंट निवासी मनीष गुप्ता रामगंज में पिता रामकिशोर के साथ कपूर का व्यापार करते थे। रामकिशोर ने बताया कि परिवार में पत्नी मीरा, बहू निहारिका व पौत्र रियांश उर्फ विष्णु (6) है। बेटे मनीष ने वर्ष 2017 में काहूकोठी निवासी निहारिका से प्रेम विवाह किया था। दो साल से निहारिका अपने किसी पुरुष मित्र से फोन पर घंटों बात करती थी। इसका मनीष विरोध करता था। इसको लेकर दोनों में कई बार विवाद भी हुआ।

विवाद होने पर निहारिका दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाकर पुलिस बुला लेती थी। मां मीरा ने बताया कि पांच जून की दोपहर एक बजे निहारिका अपने कमरे में किसी से फोन पर बात कर रही थी, जिसका मनीष ने विरोध किया। सामने बेड पर पौत्र विष्णु भी बैठा था। विवाद इतना बढ़ गया कि निहारिका ने रसोई से चाकू (एक ओर से कांटेदार) उठाया और पति के पेट और कमर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए।

एक हाथ से कमर के खून को रोकते हुए पहुंचा था थाने

मनीष एक हाथ से कमर का खून रोकते हुए और दूसरे हाथ से बेटे रियांश को पकड़कर फीलखाने थाने पहुंचा। इस दौरान रास्ते में खून ही खून बिखरा हुआ था। थाने पहुंचकर मनीष ने निहारिका की हैवानियत बयां की। रियांश ने भी पुलिस के सामने घटना बताई। पुलिस ने मनीष को अस्पताल में भर्ती कराया था।

मम्मा ने पापा को मार दिया

पिता दुनिया से चले गए और मां सलाखों के पीछे हैं… इन बातों से बेखबर मासूम रियांश उस समय अपने कमरे में मोबाइल पर वीडियो गेम खेल रहा था, जब उसके पापा के शव से लिपटकर दादा-दादी बिलख रहे थे। पूछने पर वह तोतली जुबान से कहता है कि मम्मा अपने बॉयफ्रेंड से बात कर रही थीं, तब पापा से लड़ाई हो गई और मम्मा ने पापा को चाकू मार दिया। इतना कहने के बाद वह फिर से मोबाइल में व्यस्त हो गया।

कानों में गूंज रहे बेटे के शब्द…मां निहारिका ने मार दिया
पांच जून को निहारिका और मनीष के बीच विवाद हुआ। मीरा देवी भागकर अपार्टमेंट के गेट पर पहुंचीं तभी उन्हें खून से सराबोर बेटा मनीष गुप्ता पौत्र विष्णु के साथ सीढ़ियों से उतरते हुए दिखा। उसके आखिरी शब्द, मां… निहारिका ने मार दिया। यह शब्द आज भी मीरा देवी के कानों में गूंज रहे हैं। उनका बेटा मनीष गुप्ता 11 दिनों तक मौत से जूझता रहा और आखिरी में दम तोड़ दिया। उसे पत्नी निहारिका ने चाकू से पांच जून को गोद दिया था।

यह बताते हुए मीरा देवी फफक कर रोने लगीं। फिर अचानक गुमसुम होकर बताने लगीं कि जब से पति-पत्नी के बीच विवाद बढ़ा था, तब से निहारिका ने उन्हें मम्मी कहना छोड़कर पागल बोलना शुरू कर दिया था। इकलौती बहू के लिए कितने अरमान थे। यहां तक कि बेटे की जिद के आगे झुककर दोनों की शादी भी करा दी थी। दोनों ने प्रेम विवाह किया था।

बेटे को लेकर जेल जाना चाहती थी निहारिका
पुलिस भले दावा कर रही हो कि निहारिका को घटना के बाद हिरासत में ले लिया था लेकिन हकीकत यह है कि वह छह साल के बेटे को लेकर जेल जाना चाहती थी। वह करीब एक सप्ताह बाद तक उसी घर में रही। रविवार को जब बेटे को कोचिंग भेजने के बहाने परिजनों ने घर से हटाया, तब पुलिस ने घर आकर निहारिका को हिरासत में लिया।

अंग्रेज सिंह नाम के मित्र का पता लगा रही पुलिस
मीरा देवी ने बताया कि बहू की बात किसी अंग्रेज सिंह नाम के व्यक्ति से होती थी। परिवार में उसे कोई नहीं जानता है। पुलिस उसका पता लगाने के लिए सर्विलांस की मदद ले रही है। रामकिशोर के मुताबिक हैलट में होश आने पर मनीष ने बताया था कि विवाद के दौरान शोर मचने पर फोन करने वाले ने निहारिका से शोर की वजह पूछी और कहा कि आज इसका काम तमाम कर दो।