ईरान में सीजफायर के बीच रहस्‍यमयी धमाके, लेबनान में 254 लोगों की मौत, ईरान ने खाई बदले की कसम

नई दिल्ली। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच सीजफायर का एलान तो हो गया है लेकिन पश्चिम एशिया में शांति नहीं हुई है। इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत सहित कई स्थानों पर बमबारी की है।

इन विनाशकारी हमलों में अधिकारियों के अनुसार कम से कम 254 लोग मारे गए हैं और 1,165 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा था कि लेबनान को युद्धविराम में शामिल नहीं किया जाएगा। इजरायली हमलों के बाद लेबनान ने गुरुवार को शोक दिवस घोषित किया है, जिसमें देश भर में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं और 1,000 से अधिक घायल हुए हैं।

ईरान ने लेबनान हमलों को लेकर अमेरिका को चेतावनी दी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि अमेरिका को युद्धविराम या इजरायल के माध्यम से युद्ध जारी रखने में से किसी एक को चुनना होगा।

एक्स पर एक पोस्ट में, अराघची ने कहा कि ईरान-अमेरिका युद्धविराम की शर्तें स्पष्ट और साफ हैं, अमेरिका को चुनना होगा – युद्धविराम या इजरायल के माध्यम से जारी युद्ध। वह दोनों एक साथ नहीं रख सकता।

अराघची ने कहा कि पूरी दुनिया लेबनान में हो रहे नरसंहार को देख रही है। अब गेंद अमेरिका के पाले में है, और दुनिया देख रही है कि क्या वह अपनी प्रतिबद्धताओं पर अमल करेगा।

इजरायल को दंडित करेंगे- ईरान
ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अल जजीरा को बताया है कि देश लेबनान में इजरायल द्वारा किए गए अपराध और युद्धविराम की शर्तों के उल्लंघन के जवाब में उसे दंडित करेगा।

अधिकारी ने कहा कि युद्धविराम में यह क्षेत्र भी शामिल है, और इजरायल वादे तोड़ने के लिए जाना जाता है और उसे केवल गोलियों से ही रोका जा सकता है।

खतरे में युद्धविराम
यह चेतावनी तब आई है जब ईरान ने बुधवार को इस बात के लिए इजरायल को दोषी ठहराया कि उसने दो सप्ताह के लिए शत्रुता को रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच क्षेत्र में हुए नाजुक युद्धविराम को खतरे में डाल दिया है, और चेतावनी दी है कि इजरायली सेना द्वारा लेबनान पर लगातार हमले समझौते के टूटने और होर्मुज जलडमरूमध्य में नए सिरे से तनाव पैदा होने का कारण बन सकते हैं।

ईरान में सीजफायर के बीच रहस्‍यमयी धमाके

ईरान में सीजफायर के ऐलान के बाद जब पूरी दुन‍िया राहत की सांस ले रही है, ठीक उसी वक्‍त ईरान के कई महत्‍वपूर्ण ठ‍िकानों पर धमाके हो रहे हैं. ईरान के महत्‍वपूर्ण तेल केंद्रों के अंदर आग की लपटें उठ रही हैं. ईरान के लवन और सिर्री आईलैंड पर स्थित ऑयल रिफाइनरियों में भीषण धमाकों की खबरें सामने आई हैं. इस बीच यूएई ने भी मिसाइल अटैक की बात कही है. यह दावे च‍िंंता पैदा करने वाले हैं क‍ि आख‍िर कौन है जो मान नहीं रहा है.
ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के मुताबिक, लवन आईलैंड पर स्थित रिफाइनरी परिसर में एक के बाद एक कई धमाके हुए, जिसके बाद आसमान में धुएं का काला गुबार और आग के गोले देखे गए. चौंकाने वाली बात यह है कि यह धमाके उस समय हुए जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा दिए गए 10-सूत्रीय प्रस्ताव को व्यावहारिक बताते हुए सैन्य अभियानों पर रोक लगाने की घोषणा की थी.
सीजफायर की घोषणा और चंद घंटों में धमाके
यह घटनाक्रम बेहद नाटकीय और चिंताजनक है. बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ने घोषणा की थी कि ईरान के साथ 28 फरवरी से जारी अमेरिका-इजरायल सैन्य अभियान को दो सप्ताह के लिए निलंबित किया जा रहा है. यह घोषणा उस समय हुई जब ट्रंप द्वारा दी गई डेडलाइन खत्म होने में दो घंटे से भी कम समय बचा था. ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान होर्मुज को नहीं खोलता और समझौतों को नहीं मानता, तो उसे एक पूरी सभ्यता के विनाश का सामना करना पड़ सकता है. ईरान के 10-सूत्रीय शांति प्रस्ताव को स्वीकार किए जाने के बाद उम्मीद थी कि खाड़ी क्षेत्र में शांति लौटेगी, लेकिन लवन रिफाइनरी के धमाकों ने इस शांति की नाजुकता को उजागर कर दिया है.