पुणे: महाराष्ट्र कैडर की निलंबित IAS अफसर पूजा खेडकर और उनके परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. पहले फर्जीवाड़े और विशेषाधिकारों के दुरुपयोग के आरोप, फिर पावर का गलत इस्तेमाल और अब किडनैपिंग केस से जुड़ाव. उनके नाम से विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा.
ताजा मामला तब सामने आया जब नवी मुंबई में एक ट्रक ड्राइवर के अपहरण में जिस गाड़ी का इस्तेमाल हुआ, वह सीधे पूजा खेडकर के घर से बरामद की गई. पुलिस जब कार्रवाई के लिए पहुंची तो अफसर की मां मनोहरमा खेडकर ने दरवाजा तक खोलने से मना कर दिया और टीम से बहस में उलझ गईं. इस पूरे घटनाक्रम ने विवाद को और गहरा कर दिया है.
कैसे खुला मामला?
घटना 14 सितंबर को हुई जब नवी मुंबई के 22 वर्षीय ट्रक ड्राइवर प्रहलाद कुमार की गाड़ी का मामूली एक्सीडेंट एक कार से हो गया. आरोप है कि कार में बैठे दो लोग उसे जबरन गाड़ी में बैठाकर पुणे ले गए और वहां एक कमरे में बंद कर दिया. बाद में पीड़ित किसी तरह पुलिस तक पहुंचा और अपहरण का केस दर्ज कराया गया.
जांच में सामने आया कि जिस टोयोटा लैंड क्रूज़र से घटना हुई. वह पूजा खेडकर के परिवार के बिज़नेस पूजा ऑटोमोबाइल के नाम पर रजिस्टर्ड है. पुलिस ने छापा मारकर गाड़ी पुणे स्थित उनके घर से बरामद की और पीड़ित को भी वहां से छुड़ाया.
मां ने क्यों रोकी पुलिस?
पुलिस टीम का आरोप है कि जब वे घर पहुंचे तो पूजा खेडकर की मां मनोहरमा खेडकर ने दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया. उन्होंने पुलिसकर्मियों से बदसलूकी की और कार्रवाई में बाधा डाली. इसी वजह से ऑपरेशन देर से पूरा हो पाया.
अब पुणे की चतुरशृंगी पुलिस ने उनके खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है. वहीं नवी मुंबई की रबाले पुलिस ने उन्हें पूछताछ के लिए तलब किया है.
आरोपी अब भी फरार
कार में मौजूद दोनों संदिग्ध अपहरणकर्ता अब भी फरार हैं. पुलिस ने उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है. उनकी तलाश में कई टीमों को लगाया गया है.
पूजा खेडकर पहले भी विवादों में
2023 बैच की IAS अधिकारी पूजा खेडकर शुरू से ही विवादों में रही हैं. उन पर नियम तोड़कर अपनी लग्जरी ऑडी पर सरकारी प्रतीक और बीकन लगाने, फर्जी ओबीसी और दिव्यांगता प्रमाणपत्रों का लाभ उठाकर सर्विस पाने और विभागीय अनुशासनहीनता जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. इन्हीं कारणों से उन्हें पहले पुणे से वाशीम ट्रांसफर किया गया और बाद में सस्पेंड कर दिया गया.
परिवार पर गहराते साये
अब किडनैपिंग केस से जुड़ी गाड़ी और मां द्वारा पुलिस को रोकने का आरोप, खेडकर परिवार के लिए नया सिरदर्द बन गया है. जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और हालात साफ होने पर कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी.