बिहार में मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण की बारी आ गई है। सूबे में जबरदस्त जनादेश के कुछ ही दिनों बाद एनडीए आज नई सरकार की ताजपोशी करने जा रही है। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में होने वाले इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में 74 साल के नीतीश कुमार दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। एनडीए ने 243 में से 202 सीटें जीतकर महागठबंधन को करारा झटका दिया और अब सारी निगाहें इस बात पर टिक गई हैं कि नई सरकार की सूरत कैसी होगी। पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने पहुंच रहे हैं।
बीजेपी कोटे से कितने लोग बन सकते हैं मंत्री
राज्य में एनडीए सरकार की नई टीम को लेकर सबसे बड़ा बदलाव भाजपा के हिस्से में दिखाई दे रहा है। इंडिया टुडे की मानें तो पार्टी से 14 मंत्री शपथ लेने जा रहे हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ दो पुराने चेहरे मंगल पांडे और नितिन नवीन ही दोबारा कैबिनेट में लौट रहे हैं। भाजपा की ओर से जिन नामों की पुष्टि पहले ही हो चुकी है, उनमें सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा शामिल हैं। ये दोनों चेहरे सरकार के शीर्ष नेतृत्व में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए नजर आएंगे। शेष सभी भाजपा नेता इस बार पूरी तरह नए चेहरे होंगे, जिससे पार्टी की रणनीति में बदलाव का स्पष्ट संकेत मिलता है। भाजपा ने इस बार महिला प्रतिनिधित्व भी बढ़ाया है। पार्टी की ओर से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुकी श्रेयसी सिंह और रामा निषाद को मंत्री बनाया जा रहा है। इनके साथ संजय टाइगर भी कैबिनेट में शामिल होने वाले हैं। भाजपा के इस विस्तार से साफ है कि संगठन नई ऊर्जा और नए संतुलन के साथ आगे बढ़ने की कोशिश में है।
जेडीयू कोटे से कौन होंगे संभावित मंत्री
नई सरकार के गठन के साथ ही यह चर्चा तेज हो गई है कि जेडीयू कोटे से मंत्रिमंडल में कौन-कौन से चेहरे शामिल हो सकते हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी के कई अनुभवी नेता दोबारा जिम्मेदारी संभालने की स्थिति में दिख रहे हैं, जबकि कुछ नए चेहरों को भी जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है। पार्टी के भीतर जिन नामों पर सर्वसम्मति बनती हुई दिखाई दे रही है, उनमें बिजेंद्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी और श्रवण कुमार सबसे प्रमुख हैं, जिन्हें लंबे समय से मंत्रालयों का अनुभवी संचालनकर्ता माना जाता है। इनके साथ सुनील कुमार, लेसी सिंह और शीला मंडल भी संभावित सूची में मजबूती से खड़े हैं, जिन्हें संगठन और सरकार दोनों में पिछले कार्यकालों में प्रभावशाली माना गया है। इसी क्रम में मदन सहनी, रत्नेश सदा और मोहम्मद जामा खान जैसे नेताओं के भी मंत्रिमंडल में जगह पाने की चर्चा है।