पेट्रोल 115 रुपये, डीजल 104 रुपये, क्या आज सुबह महंगा हो गया तेल?

Petrol Diesel Price Today: पेट्रोल और डीजल की कीमतो में आज शनिवार को तेल कंपनियों ने कोई भी बदलाव नहीं किया है। इस महीने अबतक पेट्रोल और डीजल का रेट कंपनियों ने नहीं बढ़ाया है। इससे पहले मई के महीने में तेल की कंपनियों में ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 4 बार बढ़ोतरी की थी। इस बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल और डीजल का रेट करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर बढ़ गया है। कई शहरों में पेट्रोल का रेट 110 रुपये प्रति लीटर के पार बिक रहा है।

पेट्रोल का अलग-अलग शहरों में क्या है रेट? (Petrol Rates Today)
नई दिल्ली – 102.12 रुपये

कोलकाता – 113.51 रुपये

मुंबई – 111.21 रुपये

चेन्नई – 107.87 रुपये

गुरुग्राम – 102.62 रुपये

नोएडा – 101.96 रुपये

बेंगलुरू – 110.89 रुपये

भुवनेश्वर – 108.97 रुपये

चंडीगढ़ – 101.51 रुपये

हैदराबाद – 115.69 रुपये

जयपुर – 112.66 रुपये

लखनऊ – 101.89 रुपये

पटना – 114.24 रुपये

तिरुअनंतपुरम् – 115.49 रुपये

इस समय हैदराबाद और तिरुअनंतपुरम् में पेट्रोल का रेट 115 रुपये के पार पहुंच गया है। वहीं, बेंगलुरू, जयपुर, कोलकाता जैसे शहरों में पेट्रोल आज 110 रुपये से अधिक की कीमत पर बिक रहा है।

डीजल का क्या है रेट? (Diesel Rates Today)
नई दिल्ली – 95.20 रुपये

कोलकाता – 99.82 रुपये

मुंबई – 97.83 रुपये

चेन्नई – 99.65 रुपये

गुरुग्राम – 95.30 रुपये

नोएडा – 95.44 रुपये

बेंगलुरू – 98.80 रुपये

भुवनेश्वर – 100.68 रुपये

चंडीगढ़ – 89.47 रुपये

हैदराबाद -103.82 रुपये

जयपुर – 97.78 रुपये

लखनऊ – 95.36 रुपये

पटना – 100.20 रुपये

तिरुअनंतपुरम् – 104.40 रुपये

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आखिरी बार तेल कंपनियों ने 25 मई को बढ़ोतरी की थी। तब पेट्रोल का रेट 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल का रेट 2.71 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया गया था।

युद्ध शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल का रेट 70 डॉलर प्रति बैरल के आस-पास था। लेकिन जैसे ही ईरान-अमेरिका युद्ध शुरू हुआ उसके तुरंत बाद पेट्रोल और डीजल का रेट 100 डॉलर प्रति बैरल को क्रॉस कर गया। हालांकि, अब एक बार फिर से क्रूड ऑयल का रेट 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया है। कल शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल 21 सेंट्स की गिरावट के बाद 95.24 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है।

मौजूदा समय में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित होने की वजह से तेल की आपूर्ति पर बुरा असर पड़ा है। भारत जैसे देशों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।