PM मोदी का संकेतः जनता के कंधों पर महंगाई की मार, पेट्रोल-डीजल, गैस के साथ…

PM Modi's Signal: The Burden of Inflation Weighs on the Public—Along with Petrol, Diesel, and Gas...
PM Modi's Signal: The Burden of Inflation Weighs on the Public—Along with Petrol, Diesel, and Gas...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में रविवार को अचानक कुछ ऐसी बातें कही हैं, जिससे लोग पूछने लगे हैं क‍ि क्‍या लॉकडाउन लगने वाला है? क्‍या वर्क फ्रॉम होम होने जा रहा है? आख‍िर पीएम मोदी ने ऐसा कहा क्‍या, हम एक एक लाइन आपको बताते हैं… दरअसल, पीएम मोदी ने जंग की वजह से बने हालात से न‍िपटने के ल‍िए एक ‘व‍िदेशी मुद्रा बचाओ प्‍लान’ का ज‍िक्र क‍िया.

उन्‍होंने कहा, पिछले दो महीने से हमारे पड़ोस में ही इतना बड़ा युद्ध चल रहा है, इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ा है और भारत पर तो और भी गंभीर असर हुआ है. नागरिकों पर बोझ न पड़े, इसलिए सरकार सारा बोझ अपने कंधे पर उठा रही है. लेकिन अगर सभी देशवासी कुछ संकल्‍प लें तो हम इस संकट से आसानी से पार पा लेंगे.

जानें पीएम मोदी ने क्‍या-क्‍या कहा

हमें कुछ संकल्‍प करने होंगे, एक बड़ा संकल्प है पेट्रोल, डीजल का संयम से इस्तेमाल करना . हमें पेट्रोल, डीजल का उपयोग कम करना होगा . शहरों में जहां मेट्रो है, वहां हम तय करें कि हम मेट्रो का ही उपयोग करेंगे . ज्यादा से ज्यादा मेट्रो में ही जाएंगे. अगर कार में ही जाना जरूरी है तो फिर कार पुल करने का प्रयास करें और भी लोगों को साथ बिठा लें.

आजकल विदेशों में शादियों का क्रेज है. विदेशों में घूमने का क्रेज है. वेकेशन पर विदेश में जाने का मिड‍िल क्लास में कल्चर बढ़ता जा रहा है. हमें तय करना होगा कि जब यह संकट का काल है और हमारी देशभक्ति हमें ललकार रही है तो कम से कम एक साल के लिए हमें विदेशों में जाने की बातों को टालना चाहिए. भारत में बहुत सारी जगह है. वहां आप जा सकते हैं.

हमें विदेशी मुद्रा बचाने के जो भी रास्ते हम अपना सकते हैं हमें बचाना होगा. गोल्ड यानी सोने की खरीद एक और पहलू है. जिसमें विदेशी मुद्रा बहुत अधिक खर्च होती है. पहले जब संकट आता था, कोई युद्ध होता था तो लोग देश हित में सोना दान दे देते थे. आज दान की जरूरत नहीं है. लेकिन देश हित में हमको यह तय करना पड़ेगा कि साल भर तक घर में कोई भी आयोजन हो, कोई भी कार्यक्रम हो, सोने के गहने नहीं खरीदेंगे. सोना नहीं खरीदेंगे. भारत को आत्मनिर्भर बनने से जो भी कदम रोकते हैं उनमें हमें दूरी बनानी होगी।

जहां भी संभव हो, इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग करें. माल की आवाजाही के लिए रेलवे परिवहन को प्राथमिकता दें. इससे लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी, जिससे बाजार में सामान सस्ता मिल सकता है और डीजल पर होने वाला भारी खर्च काफी हद तक बच जाएगा. कोश‍िश करें क‍ि ज्‍यादा से ज्‍यादा तेल की खपत कम कर सकें. इसका सीधा फायदा देश के इंपोर्ट बिल में कमी के रूप में दिखेगा. जब देश का पैसा कच्चा तेल खरीदने में कम खर्च होगा, तो वही पैसा इंफ्रास्ट्रक्चर और जनकल्याणकारी योजनाओं में लगाया जा सकेगा.

मैं देश की अदालतों से भी आग्रह करूंगा कि ऐसी स्थिति आने पर देश हित में हमें कोई ना कोई रास्ता निकालने की तरफ बढ़ना चाहिए. अनावश्यक खर्च कम कर देश की आर्थिक मजबूती में योगदान दें. ऐसे कदमों से दूरी बनाएं जो भारत को आत्मनिर्भर बनने से रोकते हैं.
जहां भी हो सके वर्क-फ्रॉम-होम यानी घर से काम की व्यवस्था को बढ़ावा दें. ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस आयोज‍ित करें. वर्चुअल बैठकें करें. इससे सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम होगा और दफ्तरों में बिजली-पानी की बचत होगी. यह उत्पादकता बढ़ाने और ईंधन बचाने का सबसे कारगर स्मार्ट तरीका है.

पीएम मोदी ने नागरिकों को जूते, बैग और एक्सेसरीज जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं सहित ‘मेड-इन-इंडिया’ और स्थानीय रूप से निर्मित उत्पादों को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया.

पीएम मोदी ने परिवारों से खाद्य तेल की खपत कम करने के लिए कहा, इस बात पर जोर देते हुए कि इससे राष्ट्रीय आर्थिक स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वास्थ्य दोनों को लाभ होगा।
प्रधानमंत्री ने किसानों से आग्रह किया क‍ि रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को 50 प्रतिशत तक कम करें. प्राकृतिक खेती की पद्धतियों की ओर बढ़ें. मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा करने और आयात निर्भरता कम करने में मदद करें. कृषि में डीजल पंपों के स्थान पर सौर ऊर्जा संचालित सिंचाई पंपों को व्यापक रूप से अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया.