बाप को नीले ड्रम में भरने वाले बेटे को लेकर सनसनीखेज खुलासाः ये अंग नहीं काट पाया तो…

Sensational revelation about the son who stuffed his father in a blue drum: If he couldn't cut off the body parts...
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लखनऊ के आशियाना के सेक्टर एल में रहने वाले पैथोलॉजी संचालक एवं शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या के बाद आरोपी बेटे ने शव के चार टुकड़े किए थे। अक्षत ने पेट और पीठ भी काटकर अलग करने का प्रयास किया था, लेकिन रीढ़ की हड्डी नहीं काट सका। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पेट और पीठ पर आठ-आठ इंच गहरे कट के निशान मिले हैं।

पुलिस ने मंगलवार को घटनास्थल पर क्राइम सीन का रीक्रिएट किया। इस दौरान अक्षत प्रताप सिंह (21) भी मौजूद रहा। पुलिस ने उसके बयान के आधार पर फोरेंसिक टीम की मौजूदगी में घटना को दोहराया। आरोपी ने बयान दिया था कि तीसरे तल पर उसने पिता की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

फिर शव को भूतल पर लाकर बाथरूम में 20 फरवरी की शाम को टुकड़े कर दिए थे। दुर्गंध छिपाने के लिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल कर रहा था। उधर, पुलिस सोमवार देर रात अक्षत को लेकर उसके घर पहुंची। आरोपी ने पिता की लाइसेंसी राइफल से गोली मारकर हत्या के बाद असलहे को बेड के नीचे छिपा दिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने उसे बरामद कर लिया।

मुनीम के आने से धड़ को नहीं लगा पाया था ठिकाने

पकड़े जाने के डर से अक्षत सोमवार को ड्रम में भरे पिता के धड़ को कार से ठिकाने लगाने ले जा रहा था। इसी बीच शराब ठेके के मुनीम घर पर पहुंच गए। इससे अक्षत धड़ को ठिकाने नहीं लगा सका था। इस मामले में आशियाना थाने के दरोगा अग्रचारी यादव की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई है।

एसीपी कैंट के मुताबिक, छानबीन में मानवेंद्र के घर से किसी प्रकार का ज्वलनशील पदार्थ नहीं मिला है। घर के भीतर पैथोलॉजी से संबंधित कुछ केमिकल रखे थे। पूछताछ में अक्षत ने धड़ को घर में जलाने की बात से इन्कार किया है। अक्षत ने आरी के अलावा दो चाकू भी खरीदे थे, जिन्हें बरामद कर लिया गया है।

दीवार को पेंट कर साफ की खून की छींटे

मानवेंद्र के सिर में गोली लगने से चारों तरफ खून बिखर गया था। खून के छींटे दीवारों पर लग गए थे, जिन्हें साफ करने के लिए अक्षत पेंट खरीद कर लाया। इसके बाद दीवार को पेंट किया।

इस मामले में मानवेंद्र के पिता से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल से किया गया। वीडियोग्राफी भी कराई गई। बुधवार को शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

अक्षत ने बनाया था वाट्सएप ग्रुप, पापा लौट आओ
परिजनों और मानवेंद्र के दोस्तों को गुमराह करने के लिए अक्षत ने पिता के लापता होने की अफवाह उड़ाई। इसके बाद वाट्स एप ग्रुप बनाया। इसमें मानवेंद्र के दोस्तों को जोड़ा। ग्रुप में वह लिखता रहा कि पापा, आप कहां हो। आप प्लीज वापस आ जाओ… कृति और मैं आपको मिस कर रहे हैं।

आपके दोस्त भी आपकी तलाश कर रहे हैं। किसी को शक ने हो इसके लिए अक्षत मानवेंद्र के दोस्तों के साथ पिता की तलाश का नाटक करता रहा। सूत्रों का कहना है कि अक्षत ने ग्रुप इसलिए बनाया था कि उसे सारी गतिविधियों की जानकारी हो सके।

पिता बेटे को देते थे 27 हजार रुपये वेतन
मानवेंद्र बेटे से सभी पैथोलॉजी सेंटर का संचालन करवाना चाहते थे। उन्होंने पारा स्थित वर्धमान पैथोलॉजी के संचालन का जिम्मा भी दे दिया था। इसके लिए वह बेटे को 27 हजार रुपये वेतन भी देते थे। अक्षत कॉलेज से आने के बाद पैथोलॉजी में जाकर बैठता था।

अक्षत के दोस्तों का कहना है कि हत्या के पीछे नीट निकालने का दबाव नहीं है। किसी और वजह से उसने पिता की हत्या की है। डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक, कई पहलुओं पर मामले की छानबीन की जा रही है। साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

आखिर क्या छिपा रहे घरवाले? अक्षत ने गुमराह करने को चली थी ये चाल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना सेक्टर एल में पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या के मामले में नई-नई जानकारी सामने आ रही है, जिससे रहस्य और गहरा गया है। यह वारदात 20 फरवरी की सुबह करीब साढ़े चार बजे हुई थी।

उस समय मानवेंद्र के भाई अरविंद की पत्नी दूसरे तल पर बच्चों के साथ सो रही थीं। अक्षत ने इसी दौरान अपने पिता को गोली मार दी। हालांकि, परिजनों का कहना है कि उन्हें गोली चलने की कोई आवाज सुनाई नहीं दी। मानवेंद्र के भाई अरविंद ने बताया कि परिवार सो रहा था, इसलिए उन्हें कुछ पता नहीं चला।

परिजनों के इस बयान से पुलिस को संदेह हो रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मानवेंद्र अपने बेटे और बेटी के साथ एक ही कमरे में सोते थे। यह तथ्य भी मामले को और उलझा रहा है। सवाल ये है कि आखिर परिजन क्या छिपा रहे हैं।

घटना के वक्त कमरे में उनकी बेटी कृति भी मौजूद थी। कृति के सामने ही अक्षत ने वारदात को अंजाम दिया। कृति तब से सदमे में है। पुलिस कृति को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी कर रही है। मंगलवार को कृति से पूछताछ की गई।

कृति ने कहा कि मां की मौत के बाद से भाई और पिता का ही सहारा था। पिता की हत्या के बाद भाई भी जेल चला जाएगा। ऐसे में वह किसके साथ रहेगी। हत्या के मामले में पूछने पर कृति ने चुप्पी साध ली।

उधर, अरविंद ने बताया कि 12 से 22 फरवरी तक वह छुट्टी लेकर घर बनवाने जालौन गए थे। घटना की जानकारी पाकर वह लखनऊ पहुंचे। दोस्त मुकुल ने बताया कि 19 फरवरी को उनकी मुलाकात मानवेंद्र से हुई थी। दोस्त धर्मेंद्र ने बताया कि 19 की रात में मानवेंद्र एक बजकर 34 मिनट तक ऑनलाइन थे।