ओडिशा में पालक की सब्जी और चिकन खाने से एक परिवार के तीन लोगों की मौत की बात सामने आई है. ओडिशा के ढेंकनाल जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ही परिवार की महिला और उसके दो बेटों की मौत हो गई. संदिग्ध फूड पॉइजनिंग को इसका कारण माना जा रहा है.
यह घटना कंटाबनिया पुलिस थाना क्षेत्र के असनबनिया गांव की है, जहां रविवार रात को परिवार ने घर पर चावल, पालक की सब्जी और चिकन करी खाई थी. मृतकों की पहचान गोलाप साहू (52 वर्ष), उनके बड़े बेटे भारत साहू (30 वर्ष) और छोटे बेटे लितू साहू (24 वर्ष) के रूप में हुई है. पुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार रात का भोजन करने के बाद तीनों की तबीयत अचानक बिगड़ गई. वे बेहोश हो गए और सोमवार सुबह उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. परिवार के अन्य सदस्यों ने भी चावल और चिकन खाया था, लेकिन वे पूरी तरह स्वस्थ हैं.
पालक में जहरीले कीड़े या विषाक्त पदार्थ की आशंका
केवल पालक की सब्जी खाने वालों में ही गंभीर लक्षण दिखे, जिससे पुलिस का संदेह मुख्य रूप से पालक पर केंद्रित है. अधिकारियों का कहना है कि पालक में किसी जहरीले कीड़े, जीवाणु संक्रमण या किसी अन्य प्रदूषक की मौजूदगी हो सकती है. हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में दम घुटने की भी आशंका जताई गई है, लेकिन प्राथमिक जांच फूड पॉइजनिंग की ओर इशारा कर रही है.
पुलिस ने वैज्ञानिक टीम को मौके पर भेजकर जांच शुरू कर दी है. भोजन के सैंपल लिए गए हैं और शवों का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा, जिसके बाद मौत के सटीक कारण का पता चलेगा. यह घटना गांव में मातम का माहौल बना चुकी है. ग्रामीणों में खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है. स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि सब्जियों को अच्छी तरह धोकर और साफ-सफाई का ध्यान रखकर पकाएं.
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे. यह मामला एक बार फिर खाद्य पदार्थों में छिपे खतरों की याद दिलाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि जंगली या बाजार से ली गई सब्जियों में कीटनाशक या प्राकृतिक विषाक्त पदार्थ हो सकते हैं, जो जानलेवा साबित हो जाते हैं. परिवार के शेष सदस्यों को मेडिकल जांच के लिए रखा गया है. पूरी जांच रिपोर्ट का इंतजार है.