क्यों अपनो को मार रहे लोग! हमसफर ही बने ‘जल्लाद’, केतन अग्रवाल से नीले ड्रम तक…

नई दिल्ली: पिछले डेढ़-दो साल में देश में कुछ ऐसे हत्याकांड सामने आए हैं, जिन्होंने लोगों को झकझोर कर रख दिया। इन मामलों में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि आरोप किसी बाहरी अपराधी पर नहीं, बल्कि पत्नी, मंगेतर या प्रेमिका पर लगे। जिन रिश्तों को भरोसे का प्रतीक माना जाता है, वहीं हत्या जैसा जघन्य अपराध किया गया हैं। और न केवल हत्या, बल्कि ऐसी हत्या जहां बैठकर हाथों से अपने प्रेमी, पति या मंगेतर को तड़पा-तड़पाकर मौत दी गई है।

हाल ही में, पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल मामले ने फिर ऐसी घटनाओं को चर्चा में ला दिया है। पुलिस का दावा है कि उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी ने ट्रेकिंग के दौरान उन्हें खाई में धक्का देकर मारने की साजिश रची। शुरुआत में इसे हादसा माना गया था, लेकिन जांच में हत्या का एंगल सामने आया है। वहीं केतन के पिता का कहना है कि अगर मेरे बेटे के साथ उसे नहीं रहना था तो कह देती लेकिन उसे मारा क्यों? इसी बेबसी भरी पंक्ति से अपराध की क्रुरता का पता चलता है। आइए, जानें ऐसे कितने और केस हैं जहां पार्टनर ने ही अपने हाथ खून से रंगे…

केतन अग्रवाल केस (2026, पुणे)
पुणे के 26 वर्षीय कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत पहले ट्रेकिंग हादसा मानी गई थी। लेकिन पुलिस जांच में दावा किया गया कि उनकी मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी ने लोहागढ़ किले पर ट्रेक के दौरान उन्हें 400 फीट गहरी खाई में धक्का देकर मारने की साजिश रची। दोनों को गिरफ्तार किया गया और मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया।

सौरभ राजपूत ‘नीला ड्रम’ केस (2025, मेरठ)
मेरठ के पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत की हत्या के आरोप उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके कथित प्रेमी साहिल शुक्ला पर लगे। पुलिस के अनुसार हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया गया। इस मामले ने अपनी क्रूरता के कारण पूरे देश को झकझोर दिया था।

राजा रघुवंशी हनीमून मर्डर केस (2025, मेघालय)
इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी के कुछ दिनों बाद हनीमून के दौरान हत्या कर दी गई। मेघालय पुलिस के अनुसार उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी ने कथित प्रेमी राज कुशवाह और अन्य लोगों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। इस मामले में कई गिरफ्तारियां हुईं और यह 2025 के सबसे चर्चित अपराध मामलों में शामिल रहा।

आगरा का पति हत्या मामला (2025)
आगरा में भी एक मामला सामने आया था जिसमें पुलिस ने आरोप लगाया कि पत्नी और उसके देवर के बीच कथित संबंधों के विवाद के बाद पति की हत्या की गई। हालांकि यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर उतना चर्चित नहीं हुआ जितने मेरठ या मेघालय के मामले हुए थे। स्थानीय जांच में पारिवारिक रिश्ते और अवैध संबंध प्रमुख एंगल बताए गए।

क्या सचमुच बढ़ रहे हैं ऐसे अपराध?
अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामले अभी भी कुल हत्याओं का बहुत छोटा हिस्सा हैं। लेकिन सोशल मीडिया, 24 घंटे की न्यूज कवरेज और मामलों की बेहद सनसनीखेज प्रकृति के कारण ये घटनाएं ज्यादा चर्चा में आ रही हैं। हाल के वर्षों में सामने आए कई हाई-प्रोफाइल मामलों ने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि रिश्तों में बढ़ते अविश्वास, विवाद और गुप्त संबंध कभी-कभी किस हद तक पहुंच सकते हैं।

सबसे बड़ा सवाल
केतन अग्रवाल, सौरभ राजपूत और राजा रघुवंशी जैसे मामलों ने लोगों को सिर्फ अपराध की क्रूरता से नहीं, बल्कि इस बात से भी हैरान किया कि आरोप उन लोगों पर लगे, जिन पर पीड़ित सबसे ज्यादा भरोसा करते थे। यही वजह है कि ऐसे मामले लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं।