बिहार में प्रशासनिक भूचाल! कई बड़े IAS अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, सरकार ने बदला सिस्टम का पावर-मैप

Bihar IAS Transfer: बिहार की प्रशासनिक मशीनरी में राज्य सरकार ने बड़ा फेरबदल करते हुए कई प्रमुख आईएएस अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के बाद अब कई जिलों के शीर्ष पदों से लेकर महत्वपूर्ण विभागों की कमान नए चेहरों को सौंप दी गई है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब राज्य सरकार विकास, युवा-उन्मुख योजनाओं और प्रशासनिक चुस्ती पर तेजी से फोकस कर रही है। इसे गवर्नेंस को तेज़ और प्रभावी बनाने की दिशा में सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है।

कमिश्नरों को विभागीय सचिव की बड़ी जिम्मेदारी

इस फेरबदल में दो बड़े प्रमंडलों के कमिश्नरों को विभागीय सचिव पद पर पदोन्नति स्वरूप नियुक्ति मिली है:

राजीव रौशन (IAS, 2010 बैच)

पिछला पद: आयुक्त, सारण प्रमंडल, छपरा

नया पद: सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, पटना

राजीव रौशन को अब राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था की कमान सौंपी गई है।

कौशल किशोर (IAS, 2010 बैच)

पिछला पद: आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल

नया पद: सचिव, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग

यह विभाग सरकार की युवा-केन्द्रित नीतियों का केंद्र है, इसलिए इन्हें अहम जिम्मेदारी मिली है।

बड़े प्रमंडलों की कमान भी बदली

हिमांशु कुमार राय (IAS, 2010 बैच)

पिछला पद: आयुक्त, भागलपुर प्रमंडल

नया पद: आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल

अतिरिक्त प्रभार: आयुक्त—तिरहुत (मुजफ्फरपुर), सारण (छपरा)

एक ही साथ तीन बड़े प्रमंडलों का अतिरिक्त प्रभार—स्पष्ट संकेत कि सरकार ने उन पर बड़ा भरोसा जताया है।

अवनीश कुमार सिंह (IAS, 2010 बैच)

पिछला पद: आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल

नया प्रभार: भागलपुर प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार

भागलपुर ऐतिहासिक और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र इनके भरोसे छोड़ा गया है।

सचिवालय स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव

निलेश रामचंद्र देवरे (IAS, 2011 बैच)

पिछला पद: विशेष सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय

नया पद: विशेष सचिव, सिविल विमानन विभाग

अतिरिक्त प्रभार: MD, बिहार चिकित्सा सेवाएं एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड

सिविल एविएशन जैसे तेजी से विकसित होते सेक्टर में जिम्मेदारी देना सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है।

बड़े अधिकारी पदमुक्त

अजय यादव (IAS, 2005 बैच)

पिछला पद: सचिव, मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग

स्थिति: सचिव पद से मुक्त, सभी अतिरिक्त प्रभार समाप्त

यह इस फेरबदल का सबसे चर्चित निर्णय माना जा रहा है।

यह फेरबदल क्यों महत्वपूर्ण?

कई प्रमंडलों में नए आयुक्त—प्रशासनिक गति तेज़ होने की उम्मीद है ।दो महत्वपूर्ण सचिवालय विभागों में नई ऊर्जा।युवा और उच्च शिक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में नए अधिकारी।सरकार का स्पष्ट संदेश: “मिशन मोड गवर्नेंस”।

बिहार की नौकरशाही में इस बड़े प्रशासनिक बदलाव ने राजनीतिक-सियासी हलकों में भी हलचल बढ़ा दी है। अब नज़रें इस पर टिकी हैं कि नए अधिकारी अपने-अपने विभागों में क्या नए रंग भरते हैं।