पूर्वोत्तर के रास्ते बिहार आ रहा एके-47, वैशाली-मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में खरीदारों का बड़ा नेटवर्क; खुलासे से हड़कंप

मुजफ्फरपुर : बिहार पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि बिहार में पूर्वोत्तर राज्यों खास कर नगालैंड से एके-47 की तस्करी हो रही है। वैशाली, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण आदि जिलों में एके-47 सहित बड़े हथियारों की खरीद-बिक्री का बड़ा नेटवर्क है। मई 2024 में मुजफ्फरपुर से दो युवकों की गिरफ्तारी के बाद इस बड़े नेटवर्क से पर्दा उठा था। एनआईए इसकी जांच कर रही है।

इससे पहले बिहार एसटीएफ ने 14 अप्रैल 2025 को आरा के बेलाउर गांव में कुख्यात बुटन चौधरी के घर से हैंड ग्रेनेड के साथ एके-47 की बरामदगी की थी। मुजफ्फरपुर के मनकौली गांव से पुलिस ने नौ मई 2024 को एके-47 जब्त किया था। इस केस की जांच भी एनआईए को सौंपी गई। एनआईए ने नगालैंड से मंजूर खान को पकड़ा था।एनआई इसमें जेल में बंद चार आरोपितों पर चार्जशीट दायर कर चुकी है।

भोजपुर में एके 47 का जखीरा बरामद
आपको बता दें कि भोजपुर के शाहपुर नगर में शुक्रवार की रात पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एसटीएफ और भोजपुर पुलिस की संयुक्त छापेमारी में शाहपुर नगर के दो अलग-अलग जगहों से प्रतिबंधित एके 47 राइफल सहित बड़ी संख्या में अवैध हथियार और गोलियां बरामद की गईं।

मौके से दो अपराधियों को भी गिरफ्तार किया। इनमें शाहपुर नगर के वार्ड नंबर पांच निवासी शैलेश चंद्र राय का पुत्र पंकज राय उर्फ सत्यजीत राय और वार्ड दस के निवासी अयोध्या यादव का पुत्र अंकित कुमार शामिल है। इनके घरों से एक लोडेड एके-47, एक देसी एकनाली बंदूक, दो लोडेड देसी पिस्टल, एक देसी कट्टा, एक देसी थर्नेट, एक रिवाल्वर, 76 कारतूस और पांच मैगजीन मिले हैं। दोनों के तीन मोबाइल भी जब्त किये गये हैं।

हालांकि, एके 47 सहित बड़ी संख्या में अवैध हथियार रखे जाने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। दोनों का आपराधिक इतिहास भी सामने नहीं आया है। बताया जा रहा है कि पंकज राय जमीन के कारोबार से जुड़ा है। दोनों के किसी अन्तरराजीय गिरोह के साथ संबंध होने का अंदेशा है। इस आधार पर पुलिस दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।‌ भोजपुर एसपी राज ने बताया कि दोनों से पूछताछ कर हथियार के बारे में जानकारी लेने के प्रयास किया जा रहा है। अवैध हथियारों की खेप की सूचना पर यह कार्रवाई की गई।