अमित शाह ने ऐन वक्त पर दिया दखल तो बुझ गई बगावत की चिंगारी, मैथिली ठाकुर ने भरा पर्चा

Maithili Thakur Nomination: दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से शुक्रवार को लोकगायिका मैथिली ठाकुर ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया. उनके साथ दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर और एमएलसी सुनील चौधरी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. अलीनगर के वर्तमान विधायक मिश्रीलाल यादव को पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया था, जिसके बाद उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी. अलीनगर से भाजपा के संजय सिंह उर्फ पप्पू सिंह को संभावित प्रत्याशी माना जा रहा था, लेकिन ऐन मौके पर मैथिली ठाकुर ने बीजेपी में एंट्री ली और अलीनगर से टिकट पाने में कामयाब रहीं. इसके बाद खुलेआम मैथिली ठाकुर के चयन का विरोध होने लगा. विरोध के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुए. सूत्र बताते हैं कि संजय सिंह ने तो खुद बतौर निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का संकेत दिया था और गुरुवार देर रात एक बैठक भी की थी, लेकिन ऐन मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दखल देकर पूरा मामला शांत कर दिया है.

बताया जा रहा है कि अमित शाह और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने संजय सिंह उर्फ पप्पू सिंह को पटना बुलाकर बात की. पार्टी सूत्रों का कहना है कि अमित शाह ने पप्पू सिंह को सम्मानजनक जिम्मेदारी देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद पप्पू सिंह ने नामांकन नहीं करने का निर्णय लिया. अमित शाह से मुलाकात के बाद पप्पू सिंह ने मीडिया से कहा, “मैं पार्टी के खिलाफ नहीं जाऊंगा. भाजपा के लिए ही काम करूंगा. अब हम सभी मैथिली ठाकुर के समर्थन में चुनाव मैदान में उतरेंगे.”

25 वर्षीय मैथिली ठाकुर इस बार बिहार की सबसे कम उम्र की प्रत्याशी बनी हैं. मूल रूप से मधुबनी जिले के बेनीपट्टी की रहने वाली मैथिली का ननिहाल अलीनगर विधानसभा क्षेत्र के हरीनगर गांव में है. उन्होंने कहा कि यह उनके लिए नानीघर की सेवा करने का अवसर है. नामांकन के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि प्रधानमंत्री जी और पार्टी ने मुझ पर भरोसा किया. अलीनगर मेरा नानीघर है. यहां के लोग मुझे अपनी भांजी, नतिनी, बेटी और बहन की तरह आशीर्वाद दे रहे हैं. मैं अलीनगर को आदर्श नगर बनाने का संकल्प लेकर चुनाव लड़ रही हूं.”

उन्होंने आगे कहा, “प्रधानमंत्री जी युवाओं और महिलाओं को आगे बढ़ाने का जो प्रयास कर रहे हैं, उसमें मैं एक छोटी सी कड़ी बनना चाहती हूं. विकसित भारत के सपने को साकार करने में अलीनगर का नाम भी चमकेगा.” मैथिली ठाकुर ने अपने पिता रमेश ठाकुर, जो स्वयं लोकसंगीत के प्रसिद्ध कलाकार हैं, से संगीत की शिक्षा ली है. वे “राइजिंग स्टार” जैसे राष्ट्रीय टीवी शो की उपविजेता रह चुकी हैं और मैथिली, भोजपुरी, हिंदी सहित कई भाषाओं में लोकगीतों के माध्यम से बिहार की संस्कृति को देशभर में पहचान दिलाने का काम कर रही हैं.

जानकारों का मानना है कि भाजपा ने इस सीट पर लोकप्रियता बनाम स्थानीय समीकरण का जोखिम उठाया है. पार्टी का लक्ष्य युवाओं, महिलाओं और नई पीढ़ी के मतदाताओं को आकर्षित करना है. अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या भाजपा का यह लोकप्रिय चेहरा कार्ड अलीनगर में कामयाब होता है या स्थानीय असंतोष पार्टी को नुकसान पहुंचाता है.