नालंदा के बुजुर्ग ने पटना में गंगा से लगा दी छलांग, लोगों ने बचाई जान, कारण जान नम हो जाएंगी आंखें

पटना। बीमारी और उपेक्षा से लाचार एक बुजुर्ग ने आत्‍मघाती कदम उठा लिया। महज संयोग था क‍ि समय पर सबकी नजर पड़ गई और उन्‍हें बचा लिया गया। मामला नदी थाना अन्तर्गत समसपुर स्थित त्रिवेणी घाट की है। बुजुर्ग ने गंगा नदी में छलांग लगा दी। हालांक‍ि उन्‍हें बचाते हुए अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र क यमुनापार न‍ि‍वासी 65 वर्षीय फौजदारी चौधरी ने जब होश में आने पर आत्‍महत्‍या के प्रयास का कारण बताया तो सभी चौंक गए। उनकी व्‍यथा लोगों को दुखी कर गई। फौजदारी चौधरी ने बताया क‍ि वे लंबे समय से पीठ में एक घाव से परेशान हैं। इससे उन्‍हें काफी पीड़ा होती है। सोना-खाना सब दुश्‍वार हो गया है।

हर दिन दर्द से रहते थे परेशान
इसका इलाज करवाने के लिए कई बार कहा, लेकि‍न परिवार के लोगों ने उनकी नहीं सुनी। इधर उनकी पीड़ा दिनोंद‍िन बढ़ती चली जा रही थी। अपने लोगों की उपेक्षा और दर्द से जब काफी परेशान हो गया तब सोचा क‍ि ऐसी जिंदगी का क्‍या फायदा, इससे तो अच्‍छा है क‍ि जान ही दे दूं। इसी कारण मंगलवार को वे घर से निकल गए। इसके बाद उन्‍होंने नदी में छलांग लगा दी। नदी क‍ि‍नारे बैठे लोगों की नजर पड़ी तो लेागों ने कूदकर उनकी जान बचाई। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम पहुंची। उन्‍हें तत्‍काल फतुहा के पीएचसी में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार क‍िया गया। थानाध्‍यक्ष शंकर कुमार झा ने बताया क‍ि इसकी सूचना स्‍वजन को दी गई। पोते संतोष कुमार के साथ समझा-बुझाकर उन्‍हें घर भेज द‍िया गया।

इस घटना के बाद परिवार व समाज में बुजुर्गों की उपेक्षा की चर्चा लोग करने लगे। कोई इसे कल‍ियुग का प्रभाव बता रहा था तो कोई बदलते जमाने का। लोगों का कहना था क‍ि बुजुर्ग घर की संपत्‍त‍ि होते हैं। उनकी सेवा-सुश्रुषा बेहद जरूरी है। उनकी उचित तरीके से देखभाल करनी चाह‍िए।