पूर्णिया: लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने रविवार को पूर्णिया के ऐतिहासिक रंगभूमि मैदान में नव संकल्प महासभा का आयोजन किया। इस महासभा में केंद्रीय मंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान का भव्य स्वागत किया गया। हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए चिराग ने एक बार फिर अपने ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ के संकल्प को दोहराया और राज्य की वर्तमान स्थिति पर कई तीखे सवाल उठाए।
चिराग पासवान ने बिहार के विकास की धीमी गति पर चिंता जताते हुए कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी हमारा बिहार क्यों विकसित नहीं हुआ? जब दिल्ली और मुंबई जैसे शहर महानगरों में बदल गए, तो हमारा बिहार आज भी पिछड़ा राज्य क्यों कहलाता है? उन्होंने कहा कि आज भी बिहार में लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ता है और इसके लिए पिछले शासकों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अब इस जिम्मेदारी को सार्थक करने का समय आ गया है।
राष्ट्रीय जनता दल पर सीधा हमला करते हुए चिराग ने कहा कि RJD ने वोट की खातिर लोगों को जाति, धर्म और मजहब में बांटने का काम किया। उनका MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण है, तो हमारा MY समीकरण भी है। लेकिन इसमें M से महिला और Y से युवा हैं। यही हमारी ताकत है, जो बिहार के भविष्य को बदल सकती है।
चिराग ने मतदाताओं से भी अपील की कि वे विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों से सवाल करें। उन्होंने पूछा कि बिहार के युवाओं को पलायन के लिए क्यों मजबूर किया गया और राज्य में अपराध क्यों बढ़ा। उन्होंने वादा किया कि बिहार फर्स्ट शासनकाल में कानून-व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाएगा और 90 के दशक जैसी आपराधिक घटनाएं अब स्वीकार नहीं की जाएंगी।
चिराग ने कहा कि बिहार का युवा दूसरे देशों और राज्यों में बड़े पदों पर विराजमान है। बिहारी हर क्षेत्र में आगे हैं। व्यवसाय, मीडिया, कॉर्पोरेट, प्रशासनिक सेवा हर जगह बड़े पदों पर बिहारी मिलेंगे। तो जब बिहारी इतना आगे हैं, मेरा बिहार पीछे क्यों छूट गया? इसे जानने और बदलने की जरूरत है। आप सभी मेरी ताकत बनिए, मैं आपको विकसित बिहार दूंगा।
इस विशाल जनसभा में चिराग का स्वागत करने वालों में बिहार प्रभारी और सांसद अरुण भारती, प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी, खगड़िया सांसद राजेश वर्मा, समस्तीपुर सांसद शांभवी चौधरी, वैशाली सांसद वीणा देवी, राष्ट्रीय महासचिव शंकर झा, शोभा सिन्हा और छह जिलों के जिलाध्यक्ष समेत कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल थे। यह आयोजन आगामी चुनावों से पहले पार्टी की शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।