Bihar Election 2025: बिहार के इस नेता को जनता ने चंदा कर लड़ाया था चुनाव, फिर लालू ने बनाया मंत्री

Bihar Election 2025: This leader of Bihar contested elections by donating money to him, then Lalu made him a minister
Bihar Election 2025: This leader of Bihar contested elections by donating money to him, then Lalu made him a minister

जमुई। सिकंदरा विधानसभा की जनता ने 1990 के चुनाव में प्रयाग चौधरी को विधायक चुनने का निर्णय कर लिया था। भाकपा के टिकट पर प्रयाग चौधरी चुनाव लड़े और जीत गए। कार्यकर्ताओं का अथक परिश्रम और जनसमर्थन उनकी जीत का कारण बना।

कहा जाता है कि कार्यकर्ताओं ने प्रयाग चौधरी के लिए घर – घर चंदा एकत्रित कर उन्हें चुनाव लड़वाया। लोहरा निवासी सीपीआई नेता गजाधर रजक बताते हैं कि प्रयाग चौधरी गरीब परिवार से आते थे। तब के समय उनके पास पहनने के लिए न सं अच्छे कपड़े थे और न ही ढंग के जूते -चप्पल। ऐसे में

कार्यकर्ताओं ने उनके लिए चंदा की राशि से कुर्ता-पाजामा और जूते-चप्पल खरीदे। इसके बाद प्रयाग चौधरी ने नामांकन दाखिल किया।

बताते हैं कि प्रयाग चौधरी सुलझे हुए व्यक्ति थे। गरीबी की झंझावतों को झेलते हुए भी वे मुंगेर जिला इकाई के लिए खेत मजदूर यूनियन के सचिव के रूप में कार्य किया। कई जिलों और अनुमंडलों के खेत मजदूरों के हित में उन्होंने खूब संघर्ष किया। भले ही शैक्षणिक योग्यता उनकी नन मैट्रिक थी।

लेकिन, अपने जज्बे और जुनून से पार्टी के मेनिफेस्टो को अमलीजामा पहनाने में वे लगे रहते थे। 1990 के चुनाव में प्रयाग चौधरी ने रामेश्वर पासवान को 15 हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया था।

पार्टी ने उन्हें 1995 के चुनाव में पुनः उम्मीदवार बनाया था। मजदूरों और विस्थापितों की आवाज उठाते हुए उन्होंने फिर सिकंदरा से जीत दर्ज की। लेकिन, 1998 में पार्टी से छल करने के आरोप में उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

बाद में उन्होंने लालू प्रसाद यादव का दामन थाम लिया और 2000 के विधानसभा चुनाव में केएसपी से चुनाव लड़े और जीत दर्ज की। तब लालू की सरकार में उन्हें भूमि सुधार मंत्री का पद मिला था। साल 2016 में अचानक दिल का दौरा पड़ने से प्रयाग चौधरी दिवंगत हो गए।

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