बिहार सरकार ने काम में अब ढिलाई, लापरवाही और भ्रष्टाचाप के खिलाफ बड़ा एक्शन लिया है. एक्शन के तहत 14 अंचल अधिकारियों (सीओ) को सस्पेंड कर दिया गया है. राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमित्ता पर जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी.
भ्रष्ट पदाधिकारी सुधर जाएं अन्यथा आगे भी इस तरह की कार्रवाई के लिए तैयार रहें. जिन 14 अधिकारियों के खिलाफ एक्शन लिया गया है उनपर आरोप पत्र गठित किया गया है. साथ ही इनके वेतन वृद्धि पर भी रोक लगा दी गई है. इसमें एक अंचलाधिकारी को निलंबित करने की भी स्वीकृती सरकार द्वारा दी गई है.
किन अफसरों के खिलाफ लिया गया एक्शन?
राज्य सरकार द्वारा जिन 14 सीओ के खिलाफ कार्रवाई की गई है उनमें बालू के अवैध खनन मामले में पत्थरघट के सीओ राकेश कुमार की एक वेतन वृद्धि रोक दी गई है. गलत ढंग से जमाबंदी कायम करने पर गुरारू के अंचल अधिकारी रहे संजीव कुमार त्रिवेदी और पाटलिपुत्र के सीओ अनुज कुमार की दो वेतन वृद्धि रोक दी गई है. भागलपुर के गोपालपुर के तत्कालीन सीओ रहे राजकिशोर शर्मा के वेतन से पांच वर्षों तक 10 प्रतिशत कटौती होगी.
मुजफ्फरपुर जिले के कांटी की सीओ रहीं रिषिका को सरकारी जमीन एक खास व्यक्ति के नाम से दाखिल खारिज कर देने का आरोप में सस्पेंड किया गया था. उनके निलंबन को सरकार की स्वीकृति मिल गई है. डीएम के स्तर पर जांच के बाद विभाग द्वारा यह कार्रवाई की गई है.
और किन अफसरों पर क्यों हुई कार्रवाई?
वहीं, रिश्वत लेते गिरफ्तार पत्थरघट के पूर्व सीओ राकेश कुमार और मधेपुरा के घैलाढ़ सीओ रहे चंदन कुमार पर आरोप पत्र गठित करने का निर्णय लिया गया. ऑनलाइन जमाबंदी पंजी में बिना साक्ष्य रकबा (पलॉट/जमीन) जोड़ने के आरोप में बैकुंठपुर के सीओ पंकज कुमार पर आरोप पत्र गठित किया गया है. सुपौल की सीओ रहीं बुच्ची कुमारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई चलेगी. इधर गोपालगंज सदर के सीओ रजत कुमार वर्णवाल ने दाखिल-खारिज में एकरूपता नहीं रखी, इस कारण इन पर आरोप पत्र गठित किया गया है.
एकमा के सीओ रहे अमलेश कुमार अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे इन पर आरोप पत्र गठित हुआ है. चंडी की सीओ रहीं कुमारी आंचल ने अपील वाद के आदेश पर अमल नहीं किया जिसके कारण इन पर आरोप पत्र गठित हुआ है. बैरिया के सीओ रहे अनिल कुमार ने बीसी को ईबीसी में दिखाया तो इन पर आरोप पत्र गठित किया गया. साहेबपुर कमाल के सीओ रहे सतीश कुमार सिंह ने बाढ़ राहत की राशि में अनियमितता बरती तो इन पर भी आरोप पत्र गठित की गई है.