बिहार NDA में खटपट! टाल दी गई पटना में होने वाली साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस, सीट शेयरिंग से मांझी-कुशवाहा खुश नहीं

पटना: राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अपनी सीट बंटवारे की घोषणा कर दी है, लेकिन इस फैसले के बाद गठबंधन में शामिल छोटे दलों में असंतोष के सुर सुनाई देने लगे हैं। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जिससे गठबंधन में बराबरी का संकेत मिला है। चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें दी गई हैं। हालांकि, जीतन राम मांझी की हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (HAM) और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को मिली सिर्फ 6-6 सीटों पर दोनों नेताओं ने इशारों में अपनी नाराजगी जाहिर की है। इस बीच, आज शाम 4 बजे होने वाली NDA की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस टल गई है।

NDA का फाइनल सीट फॉर्मूला
सीट शेयरिंग के फार्मूले के तहत, बीजेपी और जेडीयू दोनों ही बड़े घटक दल बराबर यानी 101-101 सीटों पर चुनाव मैदान में उतरेंगे। इसके साथ ही चिराग पासवान की पार्टी LJP (R) को 29 सीटें मिली हैं। जबकि जीतन राम मांझी की HAM और उपेंद्र कुशवाहा की RLM को बराबर 6-6 सीटें दी गई हैं। गठबंधन ने कुल 243 सीटों के लिए बंटवारा तय कर दिया है।

कुशवाहा की शायरी में छलकी निराशा
कम सीटें मिलने के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक भावनात्मक पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने लिखा, ‘आज बादलों ने फिर साजिश की, जहां मेरा घर था वहीं बारिश की। अगर फलक को जिद है बिजलियां गिराने की, तो हमें भी जिद है वहीं पर आशियां बसाने की।’ ये पोस्ट स्पष्ट रूप से कम सीटों के बावजूद राजनीतिक मैदान में डटे रहने के उनके इरादे को भी दिखाता है।

मांझी ने भी जताई ‘कमतर आंकने’ पर आपत्ति
HAM प्रमुख जीतन राम मांझी ने पहले तो सीट बंटवारे पर संतुष्टि जताई, लेकिन बाद में तीखे तेवर दिखाते हुए कहा, ‘आलाकमान ने जो फैसला लिया है वह स्वीकार है। हमें सिर्फ 6 सीट देकर उन्होंने हमारी अहमियत कम आंकी है। इसका असर NDA पर पड़ सकता है।’ उनके इस बयान ने गठबंधन के भीतर सब कुछ ठीक न होने का संकेत दिया है।