पटना: बिहार में जल्द बंद पड़ीं चीनी मिलों के दिन बदलने वाले हैं। सोमवार को मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने गन्ना उद्योग विभाग से राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों और नयी मिलों को खोले जाने को लेकर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सीएस की अध्यक्षता में नए चीनी मिलों की स्थापना एवं पुराने बंद पड़े चीनी मिलों के पुनरुद्धार के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गन्ना उद्योग विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
उन्होंने बिहार में वर्तमान में कार्यरत और बंद पड़ी सभी चीनी मिलों की अद्यतन स्थिति और संबंधित जानकारी समिति के समक्ष रखी। इसके बाद मुख्य सचिव ने कहा कि अगली बैठक होने से पहले विभाग द्वारा बंद पड़ी मिलों और नई खुलने वाली मिलों से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेजों का गहनता से अध्ययन किया जाए।
इसके बाद एक समेकित एवं तथ्यात्मक रिपोर्ट समिति को सौंपे। दरअसल, यह उच्च स्तरीय समिति राज्य में गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने के लिए पिछली कैबिनेट बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय के अनुपालन में गठित की गई है। समिति का मुख्य उद्देश्य नई चीनी मिलों की स्थापना और बंद मिलों के पुनरुद्धार से संबंधित नीति निर्धारण और कार्य योजना तैयार करना है, जिससे किसानों को अधिक आय और राज्य में रोजगार के अधिक अवसर पैदा हो सकें। बैठक में गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, निदेशक मुकुल कुमार गुप्ता, सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह मौजूद थे।
राज्य में गन्ना उद्योग को गति देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। वित्त विभाग, उद्योग विभाग, सहकारिता विभाग, गन्ना उद्योग विभाग और कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव या प्रधान सचिव या सचिव इसके सदस्य होंगे। इसके अतिरिक्त, इस क्षेत्र के राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को भी समिति में आवश्यकतानुसार आमंत्रित या मनोनीत करने का प्रावधान है।