पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी संपत्ति का खुलासा कर दिया है। नीतीश कुमार ने अपनी संपत्ति का ब्योरा सार्वजनिक कर दिया है। जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत की गई इस घोषणा में सीएम ने अपनी वित्तीय स्थिति का एक- एक विवरण साझा किया है। नकदी और बैंक बैलेंस की स्थिति घोषणा के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास मात्र 20,552 रुपये नकद (Cash in hand) हैं। वहीं, बैंकों में जमा राशि की बात करें तो उनके विभिन्न खातों में कुल जमा राशि लगभग 57,000 रुपये है। इसमें पटना सचिवालय स्थित SBI शाखा में 27,217 रुपये, संसद भवन दिल्ली की SBI शाखा में 3,358 रुपये और पटना के बोरिंग रोड स्थित PNB में 27,191 रुपये जमा हैं।
नीतीश कुमार की संपत्ति
विशेष बात यह है कि उनकी पत्नी के पास कोई नकदी नहीं है और आश्रितों की श्रेणी में “मृत्यु के बाद” (Since Deceased) दर्ज किया गया है। वाहन और आभूषण नीतीश कुमार आज भी 2015 में खरीदी गई अपनी ‘फोर्ड इकोस्पोर्ट’ कार का उपयोग कर रहे हैं, जिसकी कीमत करीब 11.32 लाख रुपये बताई गई है। आभूषणों के नाम पर उनके पास दो सोने की अंगूठियां और एक मोती जड़ित चांदी की अंगूठी है, जिनका कुल बाजार मूल्य 2,03,000 रुपये है। पशुपालन और घरेलू उपकरण मुख्यमंत्री के पास मौजूद चल संपत्तियों में सबसे दिलचस्प हिस्सा उनका पशुधन है। उनके पास 10 गायें और 13 बछड़े हैं, जिनकी कीमत 1.45 लाख रुपये है।
चल और अचल संपत्ति
इसके अलावा उनके पास 35,000 रुपये की ट्रेडमिल, एक चरखा (कीमत 10,550 रुपये), एक एक्सरसाइज साइकिल और माइक्रोवेव ओवन जैसे घरेलू उपकरण भी हैं। उनकी कुल चल संपत्ति 17,66,196 रुपये आंकी गई है। मुख्यमंत्री की सबसे बड़ी संपत्ति नई दिल्ली के द्वारका (सेक्टर-5) में स्थित उनका एक आवासीय फ्लैट है। 1000 वर्ग फुट का यह फ्लैट उन्होंने वर्ष 2004 में लगभग 13.78 लाख रुपये में खरीदा था, जिसकी वर्तमान बाजार कीमत अब बढ़कर 1.48 करोड़ रुपये हो गई है। बिहार में उनके नाम पर कोई भी कृषि या गैर-कृषि भूमि दर्ज नहीं है।
संपत्ति का खुलासा
वित्तीय ईमानदारी का प्रमाण देते हुए मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि उन पर किसी भी बैंक, वित्तीय संस्थान या किसी व्यक्ति का कोई ऋण (Loan) बकाया नहीं है। साथ ही, उन पर बिजली, पानी, टेलीफोन या टैक्स जैसे किसी भी सरकारी विभाग का कोई बकाया नहीं है। पारदर्शिता की मिसाल हर साल अपनी संपत्ति सार्वजनिक करना नीतीश कुमार की कार्यशैली का हिस्सा रहा है। 1 मार्च 1951 को जन्मे नीतीश कुमार ने अपनी इस घोषणा के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की है कि सार्वजनिक जीवन में शुचिता और ईमानदारी सर्वोपरि है।