लालू के परिवार में बढ़ी कलह… तेज प्रताप के बाद अब बेटी रोहिणी के तल्ख तेवर, अब क्या करेंगे तेजस्वी यादव?

पटना: बिहार की राजनीति एक बार फिर लालू प्रसाद यादव (Lalu Yadav) परिवार की आंतरिक खींचतान की वजह से सुर्खियों में है। ताज़ा विवाद उनकी बेटी रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) को लेकर सामने आया है। उनकी बेटी ने तेजस्वी यादव, राजद और परिवार के अन्य सदस्यों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अनफॉलो कर दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं कि वे इस्तीफा दे सकती हैं।

रोहिणी का अनफॉलो विवाद
रोहिणी आचार्य ने अचानक सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स (X) पर राजद और परिवार के अधिकांश सदस्यों को अनफॉलो कर दिया है। उन्होंने अपना अकाउंट भी प्राइवेट कर लिया है। अब वह सिर्फ 61 लोगों को फ़ॉलो करती हैं, जिनमें परिवार से केवल उनकी बहन और पटना से सांसद मीसा भारती शामिल हैं। तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और अन्य रिश्तेदारों को अनफॉलो करने के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि रोहिणी संगठन से दूरी बना सकती हैं।

मतभेद की जड़
सूत्रों के मुताबिक, विवाद की शुरुआत तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव को लेकर हुई है। इसी मुद्दे पर रोहिणी और तेजस्वी के बीच रिश्ते तल्ख़ हुए हैं। शुक्रवार रात उन्होंने पिता लालू यादव की तस्वीर साझा करते हुए लिखा – “जो जान हथेली पर रखते हैं, बेख़ौफ़ी-बेबाकी उनके लहू में बहती है।” उन्होंने खुद को ज़िम्मेदार बेटी और बहन बताते हुए नाराज़गी जाहिर की थी। हालांकि, यह पोस्ट शनिवार सुबह अचानक हटा दिया गया और अकाउंट प्राइवेट कर लिया गया।

परिवार में बढ़ती दरार
यह पहली बार नहीं है जब लालू परिवार के अंदरूनी मतभेद सार्वजनिक हुए हों। इससे पहले लालू के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी परिवार और पार्टी नेताओं को अनफॉलो कर चुके हैं। हाल ही में लालू प्रसाद ने तेज प्रताप को 6 साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया और परिवार से भी अलग-थलग कर दिया था। इस फैसले का समर्थन तेजस्वी यादव, मीसा भारती और रोहिणी आचार्य ने किया था।

तेज प्रताप का नया बयान
अब रोहिणी विवाद पर तेज प्रताप ने बहन का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि मेरी बहन सही कह रही है। बहन का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा। अब सुदर्शन चक्र चलेगा।”

आगे की सियासत
रोहिणी आचार्य का यह कदम राजद और यादव परिवार में गहरी उथल-पुथल का संकेत माना जा रहा है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि वह अगला कदम क्या उठाती हैं – क्या पार्टी लाइन से हटकर कोई बड़ा फैसला लेंगी या परिवार के भीतर सुलह की कोशिश होगी।