पटना:बिहार में मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल और चलंत दस्ता सिपाही के कुल 4236 पदों पर भर्ती के लिए आयोजित लिखित परीक्षा बुधवार को संपन्न हो गई. केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की ओर से आयोजित इस परीक्षा का पहला चरण 14 जून को और दूसरा चरण 17 जून को आयोजित किया गया.
4236 पदों की भर्ती परीक्षा संपन्न: दोनों दिनों में दो-दो पालियों में परीक्षा हुई. करीब 15 लाख अभ्यर्थियों के आवेदन को देखते हुए परीक्षा को चार शिफ्ट में आयोजित किया गया था. राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और प्रशासन पूरी परीक्षा प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए था.
परीक्षा के बाद अभ्यर्थी दिखे संतुष्ट: पहली पाली की परीक्षा समाप्त होने के बाद पटना के बीएन कॉलेज परीक्षा केंद्र से बाहर निकलने वाले अधिकांश अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र को आसान से मध्यम स्तर का बताया. छात्रों का कहना था कि सामान्य ज्ञान, समसामयिक घटनाक्रम, इतिहास, भूगोल, विज्ञान और भाषा विषयों से संतुलित प्रश्न पूछे गए थे. कई अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि वे लिखित परीक्षा आसानी से क्वालीफाई कर लेंगे.
“परीक्षा काफी अच्छी गई. करंट अफेयर्स से अच्छी संख्या में प्रश्न पूछे गए थे और अधिकांश सवाल तैयारी के दायरे में थे. जिन छात्रों ने नियमित रूप से सामान्य अध्ययन की तैयारी की होगी, उनके लिए प्रश्नपत्र कठिन नहीं रहा होगा.”-प्रियांशु कुमार, भागलपुर से आए अभ्यर्थी
“परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए कई स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं, जिससे यात्रा अपेक्षाकृत आसान रही. करंट अफेयर्स, सामान्य ज्ञान और सामान्य विज्ञान के प्रश्न आसान से मध्यम स्तर के थे और परीक्षा संतोषजनक रही.”-अभय कुमार, भागलपुर से आए अभ्यर्थी
‘पेपर का स्तर संतुलित’- मोनिका: अभ्यर्थी मोनिका कुमारी ने बताया कि प्रश्नपत्र में हिंदी, अंग्रेजी, गणित और सामान्य अध्ययन सभी विषयों से सवाल पूछे गए थे. उन्होंने कहा कि पेपर का स्तर संतुलित था और उन्हें उम्मीद है कि वे लिखित परीक्षा में सफलता प्राप्त करेंगी. वहीं मनोज यादव ने कहा कि इस बार उनकी परीक्षा काफी अच्छी गई है और उन्हें अपने प्रदर्शन पर पूरा भरोसा है.
आसान नहीं थी यात्रा- कन्हैया कुमार: हालांकि सभी अभ्यर्थियों का अनुभव एक जैसा नहीं रहा. सहरसा से परीक्षा देने आए कन्हैया कुमार ने कहा कि रेलवे ने अतिरिक्त ट्रेनें जरूर चलाईं, लेकिन अभ्यर्थियों की भारी भीड़ के कारण यात्रा आसान नहीं थी. उन्होंने बताया कि ट्रेन में खड़े होकर सफर करना पड़ा.
“पटना पहुंचने के बाद भी रात स्टेशन पर जग कर बितानी पड़ी. हालांकि परीक्षा अच्छी गई और प्रश्नपत्र मध्यम स्तर का था. परीक्षा अच्छा जाने के कारण रात भर की थकावट दूर हो गई है.”-कन्हैया कुमार, सहरसा से आए अभ्यर्थी
प्रश्न हल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई:पटना में रहकर तैयारी कर रहे राजीव कुमार ने बताया कि प्रश्नपत्र में स्वेज नहर, रूसी मुद्रा रूबल और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम से जुड़े प्रश्न भी पूछे गए. उन्होंने कहा कि दसवीं स्तर तक के सामाजिक विज्ञान पर अच्छी पकड़ रखने वाले छात्रों को प्रश्न हल करने में ज्यादा परेशानी नहीं हुई होगी. वहीं भागलपुर से आई रानी कुमारी ने भी कहा कि स्पेशल ट्रेनों के कारण यात्रा में काफी सुविधा हुई और परीक्षा उम्मीद के मुताबिक रही.
करीब 15 लाख अभ्यर्थियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने विभिन्न रूटों पर कई स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया था. इसके अलावा प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की गई थी ताकि अभ्यर्थियों को आवागमन में परेशानी न हो. अब परीक्षा समाप्त होने के बाद अभ्यर्थियों की नजर परिणाम पर टिकी है. लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को आगे शारीरिक दक्षता परीक्षा और अन्य चयन प्रक्रियाओं से गुजरना होगा.