पटना: क्या डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा फिर से कृषि और खान एवं भूतत्व मंत्री होंगे? क्या सम्राट चौधरी फिर से वित्त और वाणिज्य कर विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे? ऐसे ही कई सवाल हैं जो अब बिहार की सियासी फिजा में तैर रहे हैं। इसकी वजह ये है कि नीतीश कुमार की कैबिनेट की शपथ के बाद नई सरकार को लेकर सबसे बड़ी खबर आने वाली है, वो यही है। लोग यही अंदाजा लगा रहे हैं कि किस मंत्री को कौन सा मंत्रालय मिलने जा रहा है।
क्या हो गया मंत्रियों में विभागों का बंटवारा?
अब सवाल ये है कि क्या मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो गया है। इसका जवाब थोड़ा टेढ़े-मेढ़े अंदाज में हां ही है। टेढ़ा-मेढ़ा इसलिए कि ये तो करीब-करीब तय है कि किस पार्टी के खाते में कौन सा विभाग जा सकता है। लेकिन किस मंत्री को क्या मिलेगा, इसके लिए थोड़ा इंतजार करना होगा। वैसे कयास लगाने में बिहार से बड़ा राज्य कोई हो भी नहीं सकता, जहां तुक्का भी 100 में 95 बार सही ही बैठता है। खैर, पहले समझिए कि किस पार्टी को कौन सा विभाग मिल सकता है।
जदयू के खाते में जा सकते हैं ये विभाग
सूत्रों के अनुसार इतना तय हो चुका है कि गृह विभाग और सामान्य प्रशासन सीएम नीतीश कुमार के पास ही रहेगा। वहीं जदयू कोटे की बात करें तो उसके खाते में मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, जल संसाधन, संसदीय कार्य, ऊर्जा, योजना एवं विकास, ग्रामीण विकास, विज्ञान प्रावैद्यिकी एवं तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण कार्य, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, समाज कल्याण, सूचना एवं जनसंपर्क, शिक्षा, भवन निर्माण, मद्य निषेद्य उत्पाद एवं निबंधन विभाग जा सकते हैं। इसके अलावा कुछ ऐसे विभाग को किसी को नहीं मिलेंगे, उसके मंत्री खुद सीएम नीतीश कुमार रहेंगे।
बीजेपी के मंत्रियों को मिल सकते हैं ये विभाग
वहीं अगर बात बीजेपी की करें तो उसके खाते में वित्त एवं वाणिज्य कर, पथ निर्माण, सहकारिता, पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, कृषि, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, उद्योग, पर्यटन, नगर विकास एवं आवास, विधि, राजस्व एवं भूमि सुधार, परिवहन, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा वर्ग कल्याण, गन्ना, पंचायती राज, खेल और श्रम संसाधन विभाग जा सकते हैं।
लोजपा रामविलास, HAM और RLM को मिल सकते हैं ये मंत्रालय
NBT को विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि लोजपा रामविलास की तरफ से चिराग पासवान के दो मंत्रियों संजय कुमार सिंह और संजय पासवान को खान एवं भूतत्व और पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन विभाग मिल सकते हैं। वहीं HAM और RLM को कला संस्कृति एवं युवा, सूचना प्रावैद्यिकी, लघु जल संसाधन और आपदा प्रबंधन मंत्रालय मिल सकते हैं।