बिहार में वोटिंग से ठीक पहले चुनाव आयोग करने जा रहा बड़ा ऐलान, प्रेस कॉन्फ्रेंस पर 10 बड़ी बातें

Election Commission Press Conference: बिहार चुनाव के पहले चरण की वोटिंग होने वाली है. अगले एक दो महीने में किसी चुनाव की घोषणा भी नहीं होनी है. पिछले साल ही देशभर में लोकसभा चुनाव कराए गए थे. ऐसे में आज चुनाव आयोग देशभर के लिए कौन सा बड़ा ऐलान करने जा रहा है? चुनाव आयोग की तरफ से सोमवार शाम 4.15 बजे PC के बारे में आधिकारिक जानकारी दी गई है. हालांकि इसमें यह नहीं बताया गया है कि विषय क्या है? दरअसल, इसका कनेक्शन भी बिहार से जुड़ा है. माना जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जिस SIR (Special Intensive Revision) पर काफी हंगामा हुआ था. मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया था. अब बिहार में वोटिंग शुरू होने से पहले ही चुनाव आयोग इस फॉर्मूले को पूरे देश में लागू करने की घोषणा कर सकता है.

1. चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया पर भले ही विषय की जानकारी न दी हो लेकिन अधिकारियों के हवाले से बताया जा रहा है कि आज शाम Pan-India Special Intensive Revision की घोषणा होगी. हां, चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के पहले चरण की घोषणा किए जाने की उम्मीद है. इसमें 10 से 15 राज्य शामिल होंगे, जिनमें 2026 में विधानसभा चुनाव होने वाले राज्य भी शामिल होंगे.

2. तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, केरल और पुडुचेरी में अगले साल चुनाव होने हैं. ऐसे में अखिल भारतीय (पैन इंडिया) एसआईआर के पहले चरण में असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य शामिल होंगे और यहां मतदाता सूचियों की ‘साफ-सफाई’ का काम सबसे पहले शुरू होगा. अधिकारियों ने पहले बताया था कि चुनाव आयोग उन राज्यों में मतदाता सूची को क्लीन करने का काम नहीं करेगा जहां स्थानीय निकाय चुनाव हो रहे हैं या होने वाले हैं. इसकी वजह यह है कि जमीनी स्तर पर चुनाव मशीनरी इसमें व्यस्त है और एसआईआर पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाएगी.चुनाव आयोग आगे के फेज में इन राज्यों के लिए एसआईआर शुरू करेगा.

3. इसी महीने की 6 तारीख को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने देशभर में गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू करने के संकेत दिए थे. उस दिन उन्होंने कहा था कि देशभर में गहन पुनरीक्षण अभियान चलाने का निर्णय पहले ही लिया जा चुका है. नई दिल्ली में उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय आधार पर हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में यह अभियान चलाने के लिए तारीख की औपचारिक घोषणा का निर्णय जल्दी ही लिया जाएगा.

4. हां, यह जानना जरूरी है क्योंकि बिहार में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले आयोग ने जब विशेष पुनरीक्षण अभियान चलाया तो उसकी मंशा और इस प्रक्रिया के औचित्य पर ही सवाल खड़े किए गए थे. हालांकि इस प्रक्रिया के जरिए 69 लाख मतदाताओं का नाम सूची से हटाया गया. इनमें अवैध प्रवासियों और एक से ज्यादा मतदाता पहचान पत्र रखने वालों के नाम शामिल थे. सुधार के बाद अब बिहार में वैध मतदाताओं की संख्या सात करोड़ 43 लाख रह गई है. राज्य में 6 और 11 नवंबर को मतदान होने वाले हैं और काउंटिंग 14 नवंबर को होगी.

5. कुछ हफ्ते पहले जब चुनाव आयोग ने पूरे देश में SIR लागू करने की बात कही थी तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया था कि इस एक्सरसाइज से मोदी सरकार गरीबों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग, अल्पसंख्यकों और वंचितों के वोट काटना चाहती है जिससे वो भारत के संविधान को मनुस्मृति के मुताबिक बदलाव कर सके. बिहार में एसआईआर को लेकर योगेंद्र यादव ने कहा था कि पहली नजर में यह तकनीकी प्रक्रिया दिखती है लेकिन असल में यह चुनावी जनगणना है जो करोड़ों नागरिकों को मताधिकार से वंचित कर सकती है.

6. उधर, भाजपा के अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष को समझना चाहिए कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन रिवीजन (SIR) देश में पहली बार नहीं हुआ है. विपक्ष को चुनाव में जनता से विजय का आशीर्वाद नहीं मिलता तो चुनाव आयोग के खिलाफ टीका-टिप्पणी करने लगते हैं.

7. पहले यह जान लीजिए कि संविधान के अनुच्छेद 324 के अनुसार, भारत का चुनाव आयोग इन सभी चुनावों के लिए मतदाता सूची तैयार करने और उनके संचालन का निर्देशन और नियंत्रण करता है- संसद, प्रत्येक राज्य के वि

धानमंडल, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के पद.

8. बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग ने साफ बताया था कि सभी पात्र मतदाताओं को शामिल करने और अपात्र नामों को हटाने के लिए मतदाता सूची का शुद्धिकरण किया गया. जाहिर है अब ऐसा ही शुद्धिकरण पूरे देश में करने की तैयारी है.

SIR के प्रमुख उद्देश्य

9. – सभी मतदाताओं और सभी राजनीतिक दलों की भागीदारी.
– सभी मतदाताओं और सभी राजनीतिक दलों से नियमित रूप से जानकारी साझा करना.
– राज्य/देश में कोई भी योग्य मतदाता ना छूटे.
– वॉलंटियर्स सहित सभी चुनाव कर्मचारियों की पूर्ण सहभागिता.
– राज्य का कोई भी अस्थायी प्रवासी ना छूटे.

10. – गणना चरण के दौरान उठाए गए हर मुद्दे का भी समाधान.
– राज्य में कोई भी शहरी मतदाता ना छूटे.
– एक महीने तक प्रारूप मतदाता सूची की त्रुटियां हटाना.
– कोई भी युवा मतदाता ना छूटे.
– बिना किसी स्पीकिंग ऑर्डर (स्पष्ट आदेश) के प्रारूप मतदाता सूची में से कोई भी नाम नहीं हटाना.