नीतीश कुमार ने अगर पलटी मारी, तब भी BJP बड़े आराम से बना सकती है अपनी सरकार

बिहार की सियासत में एक बार फिर से बड़ा घमासान देखने को मिल रहा है. चर्चा है कि नीतीश कुमार एक बार फिर से बीजेपी से नाराज हो गए हैं. सियासी गलियारों में चर्चा तो यहां तक हो रही है कि नीतीश कुमार फिर से यूटर्न मार सकते हैं. अब सवाल यह है कि अगर नीतीश कुमार पलटी मारते हैं तो आगे क्या होगा? क्या बीजेपी फिर से सरकार बना पाएगी या फिर महागठबंधन की सरकार देखने को मिल सकती है? सियासी जानकारों के मुताबिक, इस बार नीतीश कुमार के पलटने से भी बीजेपी को कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा और भगवा पार्टी देडीयू की मदद के बिना भी सरकार बनाने की ताकत रखती है.

विधानसभा की मौजूदा स्थिति

बिहार विधानसभा के अंकगणित के अनुसार, 89 सीटों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. इसके बाद जेडीयू के पास 85 सीटें हैं. एनडीए में शामिल चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के पास 19 सीटें हैं. इसके अलावा जीतन राम मांझी की HAM के पास 5 और उपेंद्र कुशवाहा की RML के पास भी 4 विधायक हैं. दूसरी ओर महागठबंधन के पास सिर्फ 35 विधायक हैं. जिनमें राजद के 25, कांग्रेस के 6, वामदलों के 3 और IIP के पास एक विधायक है. इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM के 5 विधायक हैं और एक विधायक मायावती की पार्टी बसपा का है.

हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने चारो सीटों पर जीत हासिल की, जबकि उसके पास पांचवीं सीट के लिए बहुमत नहीं था. वहीं AIMIM सभी पांचों और BSP के विधायक ने महागठबंधन के उम्मीदवार को अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया था. AIMIM और बसपा का समर्थन मिलने से महागठबंधन उम्मीदवार के पास पर्याप्त संख्याबल का जुगाड़ हो गया था, लेकिन आखिरी मौके पर कांग्रेस के तीन और राजद के एक विधायक ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया. इससे महागठबंधन का गेम बिगड़ गया और बीजेपी उम्मीदवार शिवेश राम को जीत हासिल हुई. इस चुनाव से जाहिर है कि बीजेपी ने महागठबंधन खेमे में तोड़फोड़ करने में कामयाबी हासिल की थी.

बीजेपी कैसे बना सकती है अपनी सरकार?

अगर इसी गणित को विधानसभा में अप्लाई कर दें तो बीजेपी के 89 विधायकों के अलावा लोजपा-आर के 19, हम के 5, रालोमो के 4 और महागठबंधन के बागी 4 विधायकों का समर्थन हासिल हो सकता है. इन सबको मिलाने पर संख्या 121 हो जाती है. वहीं बहुमत के लिए जरूरी विधायकों की संख्या 122 चाहिए. ऐसी परिस्थितियों में बीजेपी के लिए बसपा के इकलौते विधायक या फिर कांग्रेस के बाकी बचे तीन विधायकों को तोड़ना बहुत बड़ा टॉस्क नहीं रह जाएगा. इस तरह से अगर नीतीश कुमार ने पलटी मार भी दी तो भी बीजेपी अपनी सरकार बनाने में कामयाब हो सकती है.