पटनाः राजधानी पटना के दानापुर थाना इलाके से पुलिस ने शराब माफियाओं की एक खतरनाक करतूत का पर्दाफाश किया. सोमवार देर रात पुलिस और मद्यनिषेध विभाग की संयुक्त कार्रवाई में एक एंबुलेंस से 653.85 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई. यह शराब मरीज की जिंदगी बचाने वाले वाहन के जरिए तस्करी की जा रही थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने शराब माफियाओं की साजिश को नाकाम कर दिया.
शक के आधार पर रोकी गई एंबुलेंस
दानापुर थाना पुलिस गश्त पर थी, तभी क्यूरिस अस्पताल के पास से गुजर रही एक एंबुलेंस ने अधिकारियों का ध्यान खींचा. एंबुलेंस को देखकर किसी को शक नहीं होता, क्योंकि आमतौर पर लोग ऐसे वाहन को रास्ता देते हैं. लेकिन पुलिस टीम को एंबुलेंस की गतिविधियों पर संदेह हुआ और जब उसे रोका गया तो अंदर का नजारा देखकर सभी दंग रह गए. मरीज की जगह एंबुलेंस में सैकड़ों लीटर विदेशी शराब की खेप छिपाकर रखी गई थी.
यूपी से लाई जा रही थी खेप
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि शराब की यह बड़ी खेप उत्तर प्रदेश से बिहार लाई जा रही थी. मौके से तस्कर अंकु कुमार को गिरफ्तार किया गया है. वह एंबुलेंस चालक की आड़ में शराब की खेप लेकर जा रहा था. अधिकारियों के अनुसार, इतनी बड़ी मात्रा में शराब पटना के अलग-अलग हिस्सों में खपाने की योजना थी. एंबुलेंस और बरामद शराब को जब्त कर लिया गया है. इस मामले में दानापुर थाना में कांड दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ कर उसके नेटवर्क और सप्लाई चेन का पता लगाया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि शराब माफिया अब नई-नई तरकीबें अपनाकर प्रतिबंधित शराब की तस्करी में लगे हुए हैं, लेकिन कानून के शिकंजे से बच पाना नामुमकिन है.
पुलिस ने अपनाया सख्त रुख
नगर पुलिस अधीक्षक (पश्चिम) भानु प्रताप सिंह ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि एंबुलेंस जैसी जरूरी सेवा का इस्तेमाल अवैध शराब ढुलाई में करना बेहद शर्मनाक और गंभीर अपराध है. उन्होंने साफ कहा कि पुलिस हर हाल में ऐसे माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करेगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा.