गोविंद हत्याकांड में महिला डॉक्टर की एंट्री, पत्नी बोली- गर्लफ्रेंड थी, वॉट्सएपर पर चैट होती थी

मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर शहर के चर्चित गोविंद शर्मा हत्याकांड में अब एक महिला डॉक्टर की एंट्री हो गई है। गोविंद शर्मा की पत्नी रीना उर्फ अंजलि ने टाउन थाना में प्राथमिकी दर्ज कराते हुए तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। रानी ने पटना बोरिंग रोड राजापुल के समीप रहने वाली महिला डॉक्टर, गोविंद के पूर्व सहयोगी रणंजय उर्फ ओंकार सिंह और बाबूल चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

गोविंद की पत्नी रीना ने महिला डॉक्टर को गोविंद की प्रेमिका बताते हुए हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी बनाया है। पत्नी का आरोप है कि संपत्ति विवाद, कारोबारी दुश्मनी और प्रेम संबंधों में पैदा हुए टकराव के कारण तीनों ने मिलकर गोविंद की हत्या करवाई।

FIR में संपति विवाद और प्रेम संबंधों का जिक्र
एक समय एके-47 के दम पर मुजफ्फरपुर में खौफ पैदा करने वाला शूटर गोविंद शर्मा की हत्या के पीछे की कहानी केवल गैंगवार तक सीमित नहीं दिख रही है। एफआईआर में दर्ज आरोपों ने जमीन, करोड़ों की संपत्ति, कारोबारी हिस्सेदारी और प्रेम संबंधों के ऐसे विवादों को सामने ला दिया है, जो इस हत्याकांड की बड़ी वजह माने जा रहे हैं।

पत्नी रीना उर्फ अंजलि ने आरोप लगाया है कि ओंकार सिंह, बाबूल चौधरी और महिला डॉक्टर ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर अज्ञात शूटरों के माध्यम से आइकॉन टावर में गोविंद की हत्या करवाई। एफआईआर के अनुसार, सुनियोजित तरीके से गोविंद को घेरकर दौड़ा-दौड़ाकर गोलियां मारी गईं और उसकी हत्या कर दी गई।

प्रॉपर्टी विवाद में ओंकार सिंह पर गंभीर आरोप
एफआईआर में पहला नाम रणंजय उर्फ ओंकार सिंह का है। गोविंद और ओंकार लंबे समय तक प्रॉपर्टी डीलिंग का कारोबार करते थे। आरोप है कि कई जमीनों में निवेश गोविंद का था, लेकिन संपत्तियां ओंकार सिंह के नाम पर खरीदी गई थीं। गोविंद के जेल जाने के बाद संपत्तियों का पूरा नियंत्रण ओंकार के पास चला गया।

जमीन और गाड़ी का विवाद बना दुश्मनी की वजह
जेल से बाहर आने के बाद जब गोविंद शर्मा ने अपने निवेश और हिस्सेदारी का हिसाब मांगा तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। समझौते के तहत जमीन में 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी तय हुई थी। इसके अलावा गोविंद की फॉर्च्यूनर गाड़ी भी ओंकार के भाई अभिषेक सिंह के नाम पर बताई गई है। पत्नी का आरोप है कि जमीन और गाड़ी को लेकर चल रहा विवाद, दोनों के बीच गहरी दुश्मनी का कारण बन गया था।

ओंकार सिंह के जरिए गोविंद के संपर्क में आया था बाबूल चौधरी
एफआईआर में दूसरा नाम बाबूल चौधरी का है। बाबूल चौधरी चार-पांच वर्ष पहले ओंकार सिंह के माध्यम से गोविंद के संपर्क में आया था और बाद में प्रॉपर्टी कारोबार में उसका साझीदार बन गया। पत्नी के अनुसार, पिछले एक वर्ष से दोनों के संबंध बेहद खराब हो चुके थे। बाबूल लगातार गोविंद को धमकियां देता था और कई स्थानों पर उसके खिलाफ खुलकर बयानबाजी भी करता था। कारोबारी विवाद और बढ़ती दुश्मनी के कारण उसे भी हत्या की साजिश का हिस्सा बताया गया है।

सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि गोविंद की हत्या के बाद बाबूल चौधरी ने मीडिया को फोन कर हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था। इस संबंध में एक ऑडियो भी वायरल होने की चर्चा है, जिसकी जांच अब पुलिस के लिए अहम बिंदु बन गई है।

एफआईआर में तीरा नाम पटना की महिला डॉक्टर का
एफआईआर में तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण नाम पटना के बोरिंग रोड स्थित राजापुर पुल इलाके की रहने वाली महिला डॉक्टर का है। पत्नी अंजलि ने आरोप लगाया है कि गोविंद ने अपनी गर्लफ्रेंड महिला डॉक्टर पर करोड़ों की मेहरबानी की थी। गोविंद ने अपनी गर्लफ्रेंड को 70 से 75 लाख रुपये नकद दिए थे। इसके अलावा सोना, पटना के नंदन अपार्टमेंट और आशीर्वाद नंदन अपार्टमेंट में दो फ्लैट और एक कार भी दी थी। दोनों के बीच घंटों वॉट्सएप पर चैट होती थी।

पत्नी का कहना है कि बाद में महिला डॉक्टर, गोविंद के विरोधियों के संपर्क में आने लगी, जिससे दोनों के संबंध खराब हो गए। जब गोविंद ने उसे दी गई चल-अचल संपत्तियां वापस मांगनी शुरू की तो विवाद और गहरा गया। एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि महिला डॉक्टर ने गोविंद को बर्बाद करने की धमकी भी दी थी। रानी उर्फ अंजली ने एफआईआर दर्ज कराए हुए सबूत के तौर पर महिला डॉक्टर और गोविंद के बीच होने वाली वॉट्सएप चैट भी पुलिस को सौंप दी है।