पटनाः बिहार के बांका जिले से चौंकाने वाला सामने आया. जहां एक दंपति को दिल्ली पुलिस ने गांव पहुंचकर अचानक गिरफ्तार कर लिया. वह पिछले 22 सालों से लगातार नाम, काम और ठिकाना बदल रहे थे. बाद में अपने पैतृक गांव जाकर रहने लगे. अब पुलिस ने 22 साल पुराने नाबालिग लड़की के हत्या के केस में उन्हें पकड़ लिया. जिससे इलाके में सनसनी फैल गई. पुलिस उनसे पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश करेगी.
द टाइम्स इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में 22 साल पहले हुई एक किशोरी की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. साल 2004 में पश्चिमी दिल्ली के शिवराम पार्क इलाके में 14 वर्षीय किशोरी का शव उसके कमरे से बरामद हुआ था. उसका गला कटा हुआ था और कमरे को बाहर से बंद कर दिया गया था. परिजन उस समय बिहार में थे, जबकि लड़की अपने चाचा के घर रह रही थी. अगले दिन जब चाचा ने उसे कमरे में मृत पाया तो पुलिस में मामला दर्ज कराया गया.
पति-पत्नी ने मिलकर किया था मर्डर
जांच के दौरान पता चला कि आरोपी की पहचान सिकंदर उर्फ ‘सुकवा’ के रूप में हुई थी, जिसने अपनी पत्नी मिंजू के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी. पुलिस के अनुसार, आरोपी दंपती ने लड़की को बिहार से नौकरी का झांसा देकर दिल्ली बुलाया था. कुछ समय तक वह उनके संपर्क में रही. बाद में लालच में आकर उन्होंने उसकी हत्या कर दी और उसके गहने लेकर फरार हो गए.
दिल्ली छोड़कर कई बार बदला ठिकाना
हत्या के बाद दोनों आरोपी दिल्ली छोड़कर बिहार के बरौनी इलाके में जाकर छिप गए और लंबे समय तक पहचान छिपाकर रहते रहे. इस दौरान सिकंदर ने खुद को ठेकेदार बताकर ग्रामीणों से भी ठगी की और सरकारी योजनाओं में काम दिलाने के नाम पर पैसे ऐंठे. पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपी ने लड़की से शादी का झूठा वादा किया था, लेकिन बाद में मुकर गया.
22 साल से थे फरार
करीब दो दशक तक फरार रहने के बाद आखिरकार दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर दोनों को बिहार के बांका जिले से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस का कहना है कि फॉरेंसिक और पुराने सबूतों के आधार पर केस को फिर से मजबूत किया गया. गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपियों ने वारदात से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं. पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है, जबकि पीड़ित परिवार को इतने वर्षों बाद न्याय मिलने की उम्मीद जगी है.