बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को नई गति! राज्य सरकार और NIIFL के बीच हुआ बड़ा समझौता

बिहार सरकार ने राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास को वैश्विक मानकों के अनुरूप लागू करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. वित्त विभाग और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लिमिटेड (NIIFL) के बीच आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए. इस साझेदारी से बिहार में निवेश योग्य परियोजनाओं की मजबूत पाइपलाइन तैयार होगी और निजी निवेश को आकर्षित करने के नए अवसर खुलेंगे.

समझौते का क्या उद्देश्य
इस MoU का मुख्य उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को गति देना और निवेश योग्य योजनाओं की पहचान करना है. NIIFL, जो भारत सरकार द्वारा प्रायोजित एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी है, बिहार सरकार के लिए Knowledge Partner और तकनीकी सलाहकार की भूमिका निभाएगा.

NIIFL की भूमिका क्या?
NIIFL अपनी ‘रणनीतिक पहल और नीति सलाहकार’ (SIPA) टीम के माध्यम से निम्नलिखित क्षेत्रों में सहयोग करेगा:

परियोजनाओं की पहचान: स्वास्थ्य, शहरी बुनियादी ढाँचा, सड़क, ऊर्जा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, हवाई अड्डे और लॉजिस्टिक्स पार्क.

राजस्व एवं कार्यान्वयन मॉडल: BOO, HAM, DBFOT, TOT, InvIT जैसे विकल्पों का निर्धारण.

परिसंपत्ति मुद्रीकरण: सड़क और बिजली पारेषण क्षेत्रों में अवसरों की पहचान.

क्षमता निर्माण: PPP और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश पर अधिकारियों का प्रशिक्षण.

केंद्र-राज्य समन्वय: VGF और IIPDF मामलों में तकनीकी सहायता.

महत्वपूर्ण शर्तें एवं पारदर्शिता
निःशुल्क सेवा: NIIFL इन परामर्श गतिविधियों के लिए बिहार सरकार से कोई शुल्क नहीं लेगा.

कार्यकाल: प्रारंभिक रूप से एक वर्ष.

निष्पक्षता: NIIFL को निविदा प्रक्रिया में कोई विशेष लाभ नहीं मिलेगा.